केंद्र का तर्क बंद हो चुकी है योजना, अब 300 की जगह सिर्फ 104 आवास ही बनेंगे
क्रॉसर
राजीव आवास योजना में 34 की जगह मिले 10 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजीव आवास योजना के तहत कई सालों से राजधानी में अपना पक्का घर बनने का इंतजार कर रहे सैकड़ों गरीब परिवारों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार से बजट न मिलने से अब इस योजना के तहत इनके लिए आवास नहीं बनेंगे। शहर में अब 300 की जगह सिर्फ 104 परिवारों के लिए ही आवास बन पाएंगे।
नगर निगम के अनुसार राजीव आवास योजना के तहत राजधानी के 300 गरीब परिवारों के लिए आवास बनाने की डीपीआर तैयार की थी। इस पर 34 करोड़ रुपये खर्च होने थे। केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था। लेकिन इसमें से महज 10.50 करोड़ रुपये ही शिमला नगर निगम को जारी हुए हैं। अब बाकी पैसा नहीं मिलेगा। शिमला नगर निगम ने बजट जारी करने के लिए केंद्र सरकार को कई पत्र लिखेे लेकिन जवाब मिल रहा है कि यह योजना खत्म हो गई है। ऐसे में अब नगर निगम 300 की जगह सिर्फ 104 आवास बना रहा है।
राजीव आवास योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों और स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को आवास बनने थे। इसके लिए कृष्णानगर वार्ड में सर्वे किया गया था जिसमें 224 परिवारों का चयन किया था। बाकी 76 आवास किराये पर दिए जाने थे। निगम का कहना है कि अब दूसरी योजना में इनके लिए आवास बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मल्याणा में जगह चिन्हित की है लेकिन इसकी फाइल शहरी विकास विभाग के पास अटकी है। अगर जगह मिलती है तो राजीव आवास योजना का पैसा नहीं मिलेगा।
अभी बने हैं 64 आवास, 40 और बनेंगे
लालपानी में यह आवास बन रहे हैं। अभी यहां आठ ब्लॉक तैयार हो चुके हैं जिनमें 64 आवास बनाए गए हैं। बाकी 40 आवासों के लिए पांच ब्लॉक इसके बाद बनाए जाएंगे। निगम के अनुसार हर आवास की लागत का कुल 12 फीसदी शेयर इन गरीब परिवारों को देना होगा। इसके बाद ही उन्हें अलॉटमेंट होगी।
निगम की लापरवाही
से लैप्स हो गया पैसा
निगम तर्क दे रहा है कि केंद्र से पैसा न मिलने से प्रोजेक्ट को छोटा किया है। लेकिन पैसा न आने के लिए नगर निगम खुद भी जिम्मेदार है। प्रोजेक्ट को साल 2017-18 तक पूरा किया जाना था लेकिन 2021 में भी यह अधूरा है। दूसरा निगम ने कृष्णानगर में जो जगह चुनी वहां भूस्खलन हो गया। जगह की कमी के चलते भी आवास नहीं बन पाए।
तैयार आवासों का जल्द
होगा आवंटन : भारद्वाज
राजीव आवास योजना के तहत अब लालपानी में 104 आवास ही बनाए जाएंगे। पहले करीब तीन सौ आवास बनने थे। अब जो आवास तैयार हो चुके हैं, उनका जल्द आवंटन किया जाएगा।
-अजीत भारद्वाज, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम शिमला