सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा की हत्या के मामले में खुलासा, छोटे भाई हिमांक के पास थी सीसीटीवी का एक्सेस आरोपी ने शूटरों को भी दिया सीसीटीवी का एक्सेस माता-पिता की मौत के बाद से चल रहा था संपत्ति विवाद अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सरस्वती पैराडाइज स्कूल भट्ठाकुफर की संचालिका मनीषा और उसके छोटे भाई के बीच सालों से चल रहे संपत्ति विवाद ने एक बहन की जान ले ली। वहीं हिमांक मित्तल को अपनी ही बहन की हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
माता-पिता की मौत के बाद से ही दोनों के बीच संपत्ति विवाद चल रहा था और इसको लेकर स्कूल परिसर में कई बार मारपीट तथा तनावपूर्ण स्थितियां बन चुकी थीं। यही वजह थी कि मनीषा ने पहले ही सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। यही नहीं उन्होंने एक वीडियो में अपने माता-पिता की मौत को लेकर भी संशय जताया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में सुरक्षा के लिए लगाए सीसीटीवी कैमरों से ही मनीषा पर उसका भाई और अन्य आरोपी नजर रख रहे थे। हिमांक के पास सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था और उसने ही उसका एक्सेस अपने साथी गोविंद को दिया जिसने आगे एक्सेस दोनों शूटरों को दिए। इसकी मदद से मनीषा के स्कूल से बाहर जाने की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
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वारदात के दिन भी साजिश के तहत दोनों शूटर हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे और जैसे ही उन्हें पता चला कि मनीषा स्कूल परिसर से बाहर निकली है, वह मौके पर पहुंच गए। स्कूल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पता चला है कि जब मनीषा दुकान गई थी दोनों शूटर रास्ते में उसका इंतजार कर रहे थे। इस दौरान दोनों ने मुंह ढककर रखा था जिससे उनकी पहचान उजागर न हो। जैसे ही मनीषा बेटी के लिए मैगी लेकर आई तो एक आरोपी ने उसका पीछा किया और स्कूल के गेट के पास पीछे से काफी नजदीक से उसके सिर पर गोलियां चला दीं। इससे मनीषा जमीन पर गिर गई तो फिर दूसरी ओर से दूसरा आरोपी आया और उसने फिर मनीषा पर गोलियां चलाईं जिससे उसके बचने की कोशिश उम्मीद न बचे।
बेटी के सिर छिन गया मां का साया भाई-बहन के बीच चले करोड़ों के संपत्ति विवाद ने मनीषा की नाबालिग बेटी के सिर से मां का साया छीन लिया। हाल ही में उनकी बेटी ने बारहवीं की कक्षा पास की थी और वह कानून की पढ़ाई करके अधिवक्ता बनना चाहती है। इसको लेकर मां अच्छा कॉलेज भी देख रही थी। संपन्न परिवार होने की वजह से उसका यह सपना पूरा होने में कोई बाधा भी नहीं थी लेकिन इसी बीच मनीषा की हत्या ने बेटी की हंसती-खेलती जिंदगी उजाड़ दी। मनीषा की हत्या के बाद बेटी ने अपने पिता के साथ भी जाने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने उसकी सुरक्षा को देखते हुए नियमों के मुताबिक उसे सुरक्षित स्थान पर रखा है।
हिमांक ने रची थी खुद पर हमले की साजिश मनीषा की हत्या के बाद जब उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए जिसमें उन्होंने संपत्ति विवाद के कारण अपने ही भाई से जान को खतरा बताया था तो शक की सुई हिमांक मित्तल की ओर मुड़ गई थी। लेकिन पुलिस के पास उस समय कोई सबूत नहीं था। पुलिस टीम हिमांक से पूछताछ के लिए पहुंची तो पता चला कि एक जून को उसके ऊपर भी हमला हुआ था और इसमें उसे गंभीर चोटें आई हैं। हिमांक ने सोशल मीडिया पर खुद को बेकसूर बताया और कहा कि वह एक जून के हमले में घायल होने के बाद घर पर ही था। अपने ऊपर हुए हमले को लेकर उसने स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। अब जो तथ्य पुलिस के सामने आए हैं उससे शक है कि हिमांक ने खुद ही अपने ऊपर हमले की कहानी तो नहीं गढ़ी थी जिससे उसके ऊपर बहन की हत्या का शक न जाए।