अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव में पशु बलि न होने से नाराज बड़ादेव कमरूनाग को मनाने के लिए शनिवार को डीसी संदीप कदम खुद देवता के दरबार पहुंचे।
डीसी ने टारना मंदिर में ‘पूछ’ डाली और देवता को मनाया। संदीप कदम ने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर पशु बलि न होने पर देवता से माफी मांगी और मौसम साफ रखने की गुहार लगाई।
यही नहीं, डीसी ने बड़ादेव कमरूनाग के मूल स्थान में उनको मनाने के लिए कारदारों को रवाना किया है। टारना मंदिर में ‘पूछ’ डालने के लिए पहुंचे डीसी संदीप कदम के साथ सर्व देवता कमेटी के प्रधान शिवपाल शर्मा और अन्य देव कारदार भी मौजूद रहे।
प्राचीन परंपरा के निर्वहन के दिए आदेश
बताया जा रहा है कि बड़ादेव कमरूनाग ने डीसी को देववाणी में आदेश दिए हैं कि मेले को लेकर जो प्राचीन परंपरा है, उसका निर्वहन किया जाए। डीसी को आश्वासन भी दिया है कि शिवरात्रि मेले में मौसम सुहावना रहेगा।
वहीं, शनिवार को खिली धूप के बाद शिवरात्रि मेला कमेटी, जिला प्रशासन और मेले में आए व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। सर्व देवता कमेटी के प्रधान शिवपाल शर्मा ने डीसी मंडी के बड़ा देव कमरूनाग के पास जाकर उन्हें मनाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि कमरूनाग के मूल स्थल में भी देवता को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। कमरूनाग देवता के गूर धर्म दत्त ने बताया कि देव कमरूनाग बलि प्रथा को लेकर बेहद नाराज हैं और इस प्रथा को बहाल करने पर अड़े हैं।
यह है मामला
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में बारिश ने खूब खलल डाला। बारिश की वजह बड़ादेव कमरूनाग की नाराजगी बताई गई। दावा किया गया है कि गूर और कारदारों ने पूछ डलवाई तो देव कमरूनाग ने देववाणी में अपना गुस्सा जाहिर किया।
कहा कि शिवरात्रि मेले में देव परंपरा और देव संस्कारों को नहीं निभाया जा रहा। देवता की नाराजगी के बाद मान मनौव्वल का दौर शुक्रवार से ही शुरू हो गया था। आयोजक देवता के दरबार पहुंचने लगे थे। इसी कड़ी में शनिवार को डीसी मंडी खुद देवता के दरबार पहुंचे।