मंडी की प्राचीन शैव परंपरा को ध्यान में रखते हुए शिव और पार्वती को सरल और पारंपरिक शैली में दर्शाया गया है। चित्र में शिव परिवार, गण और बरात के अन्य स्वरूपों को सूक्ष्मता से उकेरा गया है। राजेश कुमार ने बताया कि इस कृति को तैयार करने में आठ माह का समय लगा। उन्होंने कहा कि मंडी कलम की यह विशेषता है कि इसमें अत्यंत महीन कार्य किया जाता है। गिलहरी की पूंछ के एक बाल से बनाई गई रेखाएं इस कला की सूक्ष्मता को दर्शाती हैं। उधर, खरीदार रोहित ने बताया कि मंडी में हो रहे उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करना हर मंडीवासी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मंडी कलम की कृतियों को अपने ड्रॉइंग रूम में सजाना उनके लिए गर्व की बात है।