हिमाचल के मंडी में हुए हादसे के बाद ब्यास नदी में चले सर्च आपरेशन में मिले शवों पर सवाल उठे हैं। इनमें से एक शव को प्रथम दृष्टया छात्र श्रीहर्षा के रूप में पहचाना गया है।
इस पर श्रीहर्षा के पिता केआरकेवी प्रसाद ने उंगली उठाते हुए कहा है कि उन्हें इस पहचान पर संदेह है। सरकार डीएनए जांच कर रही है, मगर यह व्यर्थ है।
श्रीहर्षा के पिता केआरकेवी प्रसाद ने शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में हैदराबाद से बताया कि उन्हें हिमाचल सरकार और प्रशासन के अधिकारियों ने सूचना दी है कि श्रीहर्षा का शव मिल चुका है। इस शव की डीएनए जांच हो रही है।
पिता ने उठाए ये सवाल
पिता प्रसाद ने कहा कि इस शव के चप्पलें लगी मिली हैं, मगर असल में उनका बेटा चप्पलें नहीं पहनता था। श्रीहर्षा की हाइट 5 फुट और 11 इंच थी और उसके बाएं हाथ की अनामिका में सोने की अंगूठी थी।
गले में भगवान आंजनेय के पैंडेंट वाली सोने की चेन थी। छाती पर यज्ञोपवीत था और बाएं हाथ में टाइमेक्स घड़ी भी थी। बरामद शव में ऐसी कई निशानियां नहीं हैं। वह प्रशासन के इस स्टैंड से आहत हैं कि सभी शवों को ढूंढ लिया गया है और केवल दो शवों का ही डीएनए टेस्ट होना है।
यह कहने से सार्वजनिक तौर पर क्यों गुरेज हो रही है कि उनके बेटे के बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं। अधिकारी जिस तरह के जवाब दे रहे हैं, उससे वे आहत हैं।
25 शवों में से 23 की ही पहचान
डीएनए टेस्ट का कोई मतलब ही नहीं है। कारण यह कि दो बरामद शवों में से जो उनके बेटे का बताया जा रहा है, उसके कई फीचर्स श्रीहर्षा से नहीं मिलते हैं। उन्हें डर है कि सभी शवों को मिला बताकर कहीं सर्च आपरेशन को ही बंद नहीं किया जाए।
वहीं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी पंकज राय का कहना है कि ब्यास में 25 शव मिले हैं। इनमें से 23 की पहचान कर ली गई है। दो अन्य की पहचान डीएनए टेस्ट के बाद पुष्ट होगी। इसके बावजूद सर्च आपरेशन अभी बंद नहीं किया गया है।