फर्जी डिग्री प्रकरण में गिरफ्तार मानव भारती के दोनों कर्मचारियों को पुलिस ने शुक्रवार को सीजेएम राजेश चौहान के समक्ष पेश किया। उन्होंने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनीष गोयल निवासी मोहाली व डाटा ऑपरेटर करनाल निवासी प्रमोद कुमार को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। पुलिस ने आरोपियों के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी।
पुलिस को राजस्थान की माधव विवि से कुछ और बरामदगी की संभावना है, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तीन दिन की रिमांड का फैसला किया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी। राजस्थान व मानव भारतीय से मान्यता प्राप्त संस्थानों की भी पड़ताल करेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से फर्जी डिग्रियों की जांच शुरू करवाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने उन्हें बधाई दी है। शांता का कहना है कि मुख्यमंत्री ने गंभीरता से कुछ विश्वविद्यालयों की ओर से डिग्रियां बेचने के मामले में जांच शुरू करवा दी है। यूजीसी के अनुसार पिछले सात सालों से पांच लाख डिग्रियां बेचने की बात चिंता का विषय है।
डिग्रियां सात साल से बिक रही थीं और 2017 में इस संबंध में कुछ शिकायतें भी हुई थीं। जबकि उस समय प्रदेश के सचिव शिक्षा ने इसकी लिखित रूप से पुलिस को रिपोर्ट भी की थी। शिकायतें आने के बाद भी सरकार के सोयी रही। प्रदेश में 22 विश्वविद्यालय हैं। एक जिले में आठ और एक पंचायत में तीन। भारत में कहीं भी एक जिले और एक पंचायत में इतने विवि नहीं होंगे। छोटे से प्रदेश में 60 नर्सिंग कालेज हैं। 70 के करीब बीएड कॉलेज हैं।