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मानव भारती विश्वविद्यालय की डिग्रियां सत्यापित नहीं होने से रुकीं छात्रवृत्तियां

Sat, 17 Jul 2021 12:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने प्रदेश सरकार को सत्यापन प्रक्रिया को जल्द शुरू करवाने का पत्र भेजा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी डिग्री मामले में फंसे जिला सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय की डिग्रियां सत्यापित नहीं होने से सैकड़ों विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां रुक गई हैं। केंद्र और राज्य सरकार की अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं का पात्र विद्यार्थियों को लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने प्रदेश सरकार को सत्यापन प्रक्रिया को जल्द शुरू करवाने का पत्र भेजा है।

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मानव भारती विश्वविद्यालय का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। डिग्रियों सहित विश्वविद्यालय का अधिकांश रिकॉर्ड जब्त होने के चलते सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। बीते दिनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रास्ता तलाशने को आयोग की तीन सदस्यीय टीम विश्वविद्यालय में गई थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट आयोग में सौंप दी है।

आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने रिपोर्ट के आधार पर सरकार को पत्र भेजा है। सरकार से सिफारिश की गई है कि हाईकोर्ट से गुहार लगाई जाए कि जब्त किए गए रिकॉर्ड को जारी किया जाए। पुलिस एसआईटी के माध्यम से रिकॉर्ड मांगा गया है।
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इसके अलावा डिग्रियों के सत्यापन के लिए भी कोर्ट से मंजूरी मांगने को कहा गया है। आयोग ने कानून की पढ़ाई कर चुके विद्यार्थियों की डिग्रियों का सबसे पहले सत्यापन करने की मांग की है। तर्क दिया गया है कि डिग्रियों का सत्यापन होने के बाद ही इन विद्यार्थियों का बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकरण हो सकेगा। इसके अलावा इन विद्यार्थियों के हाजिरी प्रमाणपत्र भी देने को कहा गया है।

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