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मनन ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर लिम्का बुक में दर्ज कराया नाम

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कथक में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाने वाले बिलासपुर के मनन सांख्यान का नाम अब लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में भी दर्ज हो गया है। इस उपलब्धि का सर्टिफिकेट बिलासपुर में मनन को पहुंच चुका है। कथक में मनन सांख्यान ने अपना ही 108 चक्कर लगाने का रिकार्ड तोड़कर 112 चक्कर (कथक स्पिन्स) लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
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इससे पहले मनन ने कथक में लगातार 108 चक्कर लगाने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाया था। उस दौरान मनन ने कोलकाता के चिरा श्रीदास गुप्ता का 107 बार चक्कर लगाने का रिकॉर्ड तोड़ा था। अब मनन ने अपना ही 108 चक्कर लगाने का रिकॉर्ड तोड़कर 112 चक्कर लगाकर नया कीर्तिमान बनाया है।
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सरकार की उपेक्षा से परिजन आहत

वह बिलासपुर के डीएवी स्कूल में जमा दो मेडिकल संकाय के छात्र हैं। मनन के पिता महिपाल सांख्यान और माता कांता सांख्यान ने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। मनन ने स्कूल की शिक्षिका गुंजन दास से बारीकियां सीखीं तथा लगातार कठिन अभ्यास किया। मनन के पिता व्यवसायी हैं। माता कांता गृहिणी हैं। मनन भविष्य में चिकित्सक बनना चाहते हैं।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने वाले मनन के परिजन प्रदेश सरकार की उपेक्षा से आहत हैं। उन्होंने कहा कि मनन सांख्यान ने कड़ी मेहनत के दम पर यह कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश का नाम ऊंचा किया, लेकिन उसे सरकार से प्रोत्साहन देना तो दूर कोई सम्मान तक नहीं मिला।
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