डेथ वैली के नाम मशहूर मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी में एक पर्यटक युवक बह गया है। अपने दो भाईयों के साथ सैर सपाटे को आए दिल्ली निवासी 23 वर्षीय चेतन का अचानक पांव फिसल गया और वह उफनती पार्वती नदी में समा गया। वह खीरगंगा की ओर जा रहे थे। इस दौरान पार्वती नदी किनारे वह एक पत्थर पर चढ़े जहां से चेतन का पांव अचानक फिसल गया।
रविवार को स्थानीय मणिकर्ण पुलिस टीम व लापता चेतन के परिजनों ने पूरी पार्वती नदी का कोना-कोना छान मारा लेकिन कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। मणिकर्ण चौकी प्रभारी दया राम ने कहा कि नदी का बहाव अधिक होने से पर्यटक युवक का अभी तक पता नहीं चल सका है।
उन्होंने कहा कि चेतन अपने बड़े भाई दीपक तथा मौसी के बेटे योगेश जोशी के साथ मणिकर्ण घाटी घूमने आए थे और 15 अप्रैल को वह खीरगंगा जाने वाले थे। उन्होंने कहा कि लापता पर्यटक युवक के पिता, मामा समते करीब 10 लोग यहां पहुंच गए हैं और युवक की तलाश में जुटे हैं।
रविवार को पूरी पार्वती नदी में सर्च अभियान चलाया गया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि सोमवार को तलाशी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने मणिकर्ण घाटी आने वाले पर्यटकों को नशे से दूर रहने तथा घाटी में घूमने तथा ट्रैकिंग पर जाने से पहले संबंधित संस्था के पास अपना पंजीकरण करवाने की अपील की है।
पांच माह बाद मिला लापता प्रदीप
मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी में 16 दिसंबर 2016 को एक पुल से गिर बहे प्रदीप कुमार को शव पांच माह रविवार को छनीखोड़ के पास मिला है। मणिकर्ण पुलिस चौकी प्रभारी दया राम ने कहा कि रविवार को पार्वती नदी में बहे दिल्ली के लापता हुए पर्यटक चेतन की तलाशी के दौरान पुलिस को प्रदीप की लाश बरामद हुई है। पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दी है। प्रदीप कुमार मणिकर्ण घाटी के चौकही का रहने वाला था।