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Himachal: किशाऊ बांध प्रोजेक्ट में हिमाचल के हिस्से का खर्च उठाएंगे दो राज्य: आठ वर्ष पुराना विवाद सुलझा

Tue, 16 Jun 2026 07:07 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लगभग 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर यमुना की सहायक नदी टोंस पर बनने वाली किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण से जुड़ा आठ साल पुराना विवाद सुलझ गया है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में हिमाचल के हिस्से की करीब 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित प्रोजेक्ट लागत को दिल्ली और राजस्थान उठाने को तैयार हो गए हैं। किशाऊ बांध प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये और क्षमता 422 मेगावाट है। हिमाचल के हिस्से की बिजली 211 मेगावाट होगी।

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स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक अहम पड़ाव

हिमाचल के विद्युत घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर बैठक में सहमति बनी। यह निर्णय स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक अहम पड़ाव सिद्ध होगा, जिससे यमुना में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा। प्रेस सूचना ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस बैठक में निर्णय किया गया कि किशाऊ बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90 फीसदी केंद्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार की ओर से और शेष 10 प्रतिशत राशि का वित्तीय भार 6 राज्यों की ओर से वहन किया जाएगा।

प्रदेश के हितों की रक्षा में एक बड़ी जीत: सीएम

उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसे प्रदेश के हितों की रक्षा में एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये देने पर सहमति दी थी। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सीमित संसाधनों को देखते हुए इसे स्वीकार नहीं किया। परियोजना पूरी होने के बाद हिमाचल को प्रति वर्ष 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी। इससे राज्य को सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये की आय होगी। इस बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, प्रोजेक्ट से लाभान्वित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।

हिमाचल और उत्तराखंड के बीच हुआ था समझौता

किशाऊ बांध परियोजना पर 2021-22 में हिमाचल और उत्तराखंड के बीच एक समझौता हुआ था। इसमें बिजली उत्पादन की लागत 2 रुपये 30 पैसे प्रति यूनिट तय की गई थी। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इसे मानने से इन्कार कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन का सर्वाधिक प्रभाव हिमाचल पर पड़ेगा, इसलिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ न्यायसंगत नहीं था। उनके अनुसार प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की गई। वर्तमान सरकार ने सदैव प्रदेशवासियों के हितों को सर्वोपरि रखा है।
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एंट्री टैक्स थोड़ा-बहुत ही बढ़ा: सुक्खू

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने एक सवाल पर कहा कि एंट्री टैक्स मेरे समय में नहीं लगा है। यह 20 साल से चल रहा है। थोड़ा बहुत ही बढ़ा है। पंजाब में हमारे भाई-बंधु हैं। इसे लेकर वहां मुख्यमंत्री से भी बात की है।
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