राजधानी आने के लिए बाहरी राज्य के लोग अच्छा और सुहाना सफर रेल को मानते हैं। हर दिन रेल में सैकड़ों पर्यटक शिमला घूमने आते हैं। लेकिन शिमला का रेल सफर लोगों के लिए दुर्घटना का सफर बन सकता है। शिमला से कालका जाने वाला रेलवे ट्रैक खस्ताहाल है।
ट्रैक की कई सालों से मरम्मत नहीं की गई। इस ट्रैक पर सिर्फ ‘जुगाड़’ ही किया गया है। ट्रैक पर बिछाई लकड़ी गलने सड़ने की अवस्था में है। रेलवे प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। रेलवे प्रशासन दावा करता है कि ट्रैक की समय समय पर जांच होती है और ट्रैक के बोल्ट और अन्य कार्य का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
103 टनल के पास ट्रैक से बोल्ट छूटने वाले हैं। रेलवे प्रशासन ने कई सालों से ट्रैक की न तो मरम्मत की और न ही इसे बदला। समय रहते अगर शिमला से कालका जाने वाला रेल ट्रैक नहीं बदला गया तो कभी भी हादसा हो सकता है।
रेलवे विभाग से ट्रैक की मरम्मत के लिए करीब 10 लाख रुपये का बजट आया है। हर रोज ट्रैक का निरीक्षण किया जाता है। खामी पाए जाने पर हालत सुधारी जाती है। -कृष्ण लाल, तकनीकी इंजीनियर, रेलवे बोर्ड शिमला