शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में स्क्रब टायफस से दो महिलाओं और एक युवती की मौत हो गई। एक साथ तीन मौतें होने से आईजीएमसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। तीनों ही मरीज अलग-अलग जिलों के बताए जा रहे हैं।
स्क्रब टायफस से मौत की पुष्टि अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश ने की है। उन्होंने बताया कि इनमें से दो महिलाओं की मौत बुधवार सुबह जबकि लड़की की मौत मंगलवार देर रात हुई है। स्क्रब से मरने अब तक यह आंकड़ा 13 पहुंच गया है।
अभी तक चार सौ से ज्यादा लोग स्क्रब टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। अस्पताल में चौपाल की रहने वाली नेहा (14) का चिल्ड्रन वार्ड में चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा था। लेकिन मंगलवार देररात लड़की की मौत हो गई।
दो महिलाओं ने भी तोड़ा दम, आप भी रहें सावधान
डॅा. रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
- फोटो : अमर उजाला
युवती के अलावा सोलन की रहने वाली अनीता (30) और बिलासपुर झंडुता की हरि देवी (65) का भी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इन दोनों महिलाओं की मौत बुधवार सुबह हुई। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को खेतों में काम करने से पहले अपने हाथों व पैरों को पूरी तरह से ढक कर रखना चाहिए।
ताकि माइट (पिस्सू) के काटने से वह इस रोग की चपेट में न आए। डॉक्टरों ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार व शरीर में दर्द तथा जकड़न महसूस हो तो वह तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करे। शुरूआती दौर में इलाज मिलने से इस गंभीर बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
लक्षणों का पता चलते पहुंचे अस्पताल
जिन मरीजों को बुखार व शरीर में दर्द हो तो वह जल्द अस्पताल पहुंचे। ऐतिहात बरतने से बीमारी से बचा जा सकता है।
- डॉ. रमेश चंद , - वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी