हिमाचल लोकहित पार्टी की शुक्रवार को शिमला में विशेष बैठक पार्टी अध्यक्ष विधायक महेश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सेब के पेड़ों को काटे जाने के मामले पर चिंता जताई गई। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अवैध कब्जाधारियों से कब्जे खाली करवाने को कहा है ना कि हरे पेड़ों को काटने को कहा है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले की गलत व्याख्या से गरीब किसानों तथा बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वन विभाग किसानों, बागवानों के सेब तथा हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहा है। यह न्यायसंगत नहीं है। महेश्वर सिंह ने कहा कि कब्जाधारी कोई आज से नहीं है। कब्जा तो 1952 से भी पहले का है, जिसका इंद्राज राजस्व रिकार्ड में भी दर्ज है।
बैठक में फैसला लिया कि इस मामले पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की मांग की जाएगी। हिलोपा का हिमाचल सरकार से आग्रह है कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और इस प्रकार के मामलों की पैरवी सरकार खुद करे। अदालत से आग्रह करे कि यदि अतिक्रमण कर्ता मालिक नहीं बन सकता तो सरकार को मालिक करार किया जाए।
सरकार कब्जाधारकों को भूमि लीज पर दे सके। बैठक में हिलोपा के महासचिव डा धर्मचंद गुलेरिया, युवा सेना अध्यक्ष गौरव शर्मा, शिमला संसदीय क्षेत्र प्रवक्ता देशबंधु सूद, राज्य कार्यकारिणी सदस्य हरीश गुलेरिया, जिला शिमला अध्यक्ष श्यामलाल पिरटा, रामपुर अध्यक्ष चेतन पाखला मौजूद रहे।