कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सवाल पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने लिखित जवाब में जानकारी दी कि सीए स्टोरों के निर्माण और स्तरोन्नत करने पर 159.98 करोड़ रुपये व्यय होंगे। पिछले तीन साल में सीए स्टोर के लिए एपीएमसी ने बंजराड़ू चंबा, कटलोग मंडी, रिकांगपिओ किन्नौर में 1750 मीट्रिक टन क्षमता के सीए स्टोर के लिए 38.61 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने पराला में कोल्ड चेन के लिए 59.25 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। यह स्टोर 5000 मीट्रिक टन क्षमता का है। विश्व बैंक की मदद से एचपीएमसी गुम्मा, जड़ोल टिक्कर और रोहड़ू के सीए स्टोर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस पर 62.12 करोड़ व्यय होंगे। इसमें से 8.93 करोड़ की राशि व्यय की जा चुकी है।
पंचायती राज और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के मंडियों से संबंधित सवाल पर कहा कि लाहौल-स्पीति को छोड़ प्रदेश के सभी जिलों में फल एवं सब्जी मंडियों का निर्माण हुआ है। कृषि विभाग के पास समर्थन मूल्य के लिए धनराशि का कोई प्रावधान नहीं है। लाहौल-स्पीति जिला कृषि उपज मंडी समिति कुल्लू, लाहौल स्पीति के संबद्ध है। जिला के करघा में उप सब्जी मंडी के निर्माण के लिए 1.24 हेक्टेयर वन भूमि प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा रही है। वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत प्रत्यावर्तन की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। प्रतिपूरक पौधरोपण और शुद्ध वर्तमान मूल्य की 33 लाख की राशि 10 जुलाई, 2020 को वन विभाग के पास जमा करवाकर अंतिम स्वीकृति आनी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र सरकार निर्धारित करती है।