आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। उन्होंने इसके लिए विभाग के अधिकारियों के लिए एक शेड्यूल जारी किया है। जिसमें सप्ताह में चार दिन अधिकारियों को फील्ड में जाना होगा। दो दिन दफ्तर में बैठेंगे। वे शनिवार को कुल्लू में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जिले में जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों को सप्ताह में चार दिन फील्ड में जाकर जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी एवं निरीक्षण करने को कहा है। इस दौरान कुल्लू जिले के अलावा लाहौल के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों का कार्य कार्यालय के बजाय फील्ड में अधिक है। फील्ड में जाने से उन्हें पेयजल और सिंचाई योजनाओं की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होगी।
समस्याओं का समाधान भी मौके पर हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कनिष्ठ अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता सभी को अपने संबंधित क्षेत्रों की सभी योजनाओं की स्थिति की पूरी जानकारी होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि अधिशासी अभियंता सप्ताह में दो दिन सोमवार व बुधवार को कार्यालय में बैठेंगे और कार्यालय कार्यों के अलावा लोगों की भी समस्याएं सुनेंगे। सहायक अभियंता मंगलवार और वीरवार को कार्यालय में उपस्थित रहेंगे।
कनिष्ठ अभियंता क्षेत्र की सभी जलापूर्ति योजनाओं का नियमित तौर पर दौरा करेंगे और इनकी स्थिति से अवगत करवाएंगे। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में पंपों की संख्या और इनकी स्थिति का ब्यौरा प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने अभियंताओं को पंप की मरम्मत करवाए जाने की स्थिति में कम से कम एक साल की वारंटी अथवा गारंटी प्राप्त करने को कहा।