हिमाचल प्रदेश में पहली बार साइबर सिक्योरिटी और डाटा साइंस में एमटेक करवाने की तैयारी चल रही है। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग एमटेक डिग्री के तहत दोनों विषयों पर स्पेशलाइजेशन होगी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आईटी) ऊना में पहला एमटेक कोर्स शुरू करने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। साइबर सिक्योरिटी और डाटा साइंस विषयों पर आधारित एमटेक फिलहाल हिमाचल प्रदेश में नहीं है।
कोरोना काल के बाद साइबर सिक्योरिटी और डाटा साइंस की अहमियत बढ़ी है। नेट बैंकिंग हो या मोबाइल एप्स हर कोई साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, ताकि उनका डाटा सुरक्षित रहे। ट्रिपल आईटी प्रबंधन की तरफ से तीस सीटों का प्रावधान करने की योजना बनाई जा रही है। यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। कोर्स संचालन के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में बीटेक (सीएसई) 66 सीटें, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (ईसीई) में बीटेक 66 सीटें, सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक 44 सीटें हैं।
उधर, आईआईआईटी के निदेशक प्रो. एस सेल्व कुमार ने कहा कि एमटेक कोर्स के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वीकृति मिलने के बाद यह कोर्स संचालित किया जाएगा। बता दें कि एमटेक साइबर सिक्योरिटी दो साल का पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स है। इसमें साइबर सिक्योरिटी को लेकर एडवांस अध्ययन करवाया जाता है। प्रशिक्षुओं को एडवांस टूल्स और तकनीक के बारे में बताया जाता है। एमटेक डाटा साइंस दो साल का स्नातकोत्तर कोर्स है। इसमें डाटा साइंस से संबंधित तकनीकों और सिद्धांतों पर अध्ययन करवाया जाता है।