हिमाचल प्रदेश में कहां और कौन कौन सी युवतियां लव जिहाद का शिकार हुईं हैं विश्व हिंदू परिषद इसकी सूची देने में आनाकानी कर रहा है। विहिप के पदाधिकारियों ने केवल प्रदेश के कुछ शहरों का नाम गिनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। उनकी ओर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जो पत्र सौंपा गया है, उसकी प्रति भी मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
हिमाचल विहिप का दावा है कि उनकी ओर से 16 दिसंबर 2014 को मुख्यमंत्री को लव जिहाद के 16 मामले सौंपे थे। अमर उजाला ने शुक्रवार को विहिप के पदाधिकारियों से लव जिहाद की सूची मांगी। इस पर उनकी ओर से हाथ खड़े कर दिए गए। न तो किसी युवती का अता-पता बताया गया और न ही उनकी ओर से किसी का नाम लिया गया।
16 मामले लेकिन पूरी जानकारी नहीं
महज इतना बताया गया कि 16 मामले हैं, जिन युवतियों के माता-पिता ने विहिप से मदद मांगी है। विहिप पदाधिकारियों का दावा है कि लव जिहाद के 16 से भी अधिक मामले प्रदेश में आ चुके हैं, जिसकी पड़ताल की जा रही है। विहिप के अनुसार प्रदेश के जिन शहरों में लव जिहाद के मामले आए हैं, उनमें माजरा, शिलाई, नाहन, नालागढ़, राम शहर, सोलन, बिलासपुर, ज्वालामुखी, बीड़, मंडी, चंबा सहित अन्य शहर शामिल हैं।
बाजार में नहीं आई विवादित पत्रिका- हिमाचल विहिप के मुखपत्र ‘हिमालय ध्वनि’ का विवादित अंक शुक्रवार को बाजार में नहीं आया। यह शिमला के चक्कर स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय से प्रकाशित हुआ है। विहिप का कहना है कि प्रिंटिंग में कुछ गड़बड़ी के कारण देरी हुई है। 12 जनवरी को यह पत्रिका आएगी। इसे केवल विहिप के सदस्यों में ही वितरित किया जाएगा।
शायद भूल गए मुख्यमंत्री
विहिप दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका रजनी ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री को जब सूची सौंपी गई थी, उस समय वह अकेले थे। उनका कोई भी स्टाफ वहां मौजूद नहीं था। इसलिए शायद उन्हें याद नहीं है। विहिप की ओर से मुख्यमंत्री को जो सूची दी गई थी, उसकी केवल एक ही प्रति थी। यह बेहद संवेदनशील मामला है। ऐसे में मीडिया को सूची उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
गौर हो कि एक दिन पहले विश्व हिंदू परिषद ने दावा किया था कि प्रदेश में धर्मांतरण के लिए लव जिहाद छेड़ा गया है। पिछले एक साल के भीतर सूबे में लव जिहाद के 17 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने राज्य में ऐसी किसी घटना से इंकार किया है।