चुनावों में इस्तेमाल से पहले ईवीएम और वीवीपैट को मतदान से पहले चार बार जांचा परखा जाएगा। मशीनों की पहले चरण की जांच हो चुकी है। अभी तीन चरणों की जांच बाकी है। ईवीएम के आवंटन में किसी प्रकार के भेदभाव का आरोप न लगे, इसके लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से यह तय होगा कि किस पोलिंग बूथ को कौन सी ईवीएम मिलेगी। मतदान से पहले स्ट्रांग रूम में ईवीएम पुलिस सुरक्षा में रहेंगी और मतदान के बाद स्ट्रांग रूम के बाहर तीन स्तर का सुरक्षा घेरा रहेगा, जिसमें केंद्रीय बल भी तैनात रहेंगे। चुनाव के दौरान प्रदेश के 3,995 मतदान केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन मतदान केंद्रों की सभी गतिविधियां कैमरों की नजर में होंगी।