हिमाचल प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल भी संसद की दहलीज लांघ चुके हैं। वीरभद्र सिंह ने तीन और शांता कुमार ने दो बार केंद्र में बड़े महकमों की कमान भी संभाली। वीरभद्र सिंह दो बार राज्यमंत्री और एक बार केंद्रीय इस्पात मंत्री रहे। शांता कुमार एक बार खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता और दूसरी बार ग्रामीण विकास मंत्री रहे। प्रेम कुमार धूमल केंद्र में मंत्री नहीं रहे, लेकिन वह तीन बार सांसद रहे हैं। हिमाचल में हो रहे लोकसभा चुनाव में भाजपा जहां शांता कुमार, धूमल की ओर से किए गए विकास कार्यों के बारे में जनता को अवगत रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी वीरभद्र सिंह के केंद्रीय मंत्री रहते हिमाचल के लिए किए गए विकास कार्यों का भी हवाला दे रही है।