भाजपा ने इस गारंटी को बड़ा मुद्दा बनाकर विपक्ष पर आरोप लगाए कि महिलाओं से झूठा वायदा कर सत्ता मिली है। इसी पर पलटवार कर सीएम सुक्खू ने चुनाव से ठीक पहले इस गारंटी को लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने चुनाव से ठीक पहले इससे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक संदेश देने की कोशिश की है।
सरकार करीब 80 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी है। पर राज्य सरकार के इस योजना को लागू करने पर सालाना करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना का लाभ करीब पांच लाख से अधिक महिलाओं को होगा। कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि चुनाव में इसका लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने लाहौल स्पीति जिले की सभी महिलाओं के लिए सबसे पहले यह गारंटी लागू की। अब पूरे प्रदेश के लिए आवेदन मांगने शुरू कर दिए गए हैं। सरकार इस दावे को भुना रही हैं कि 1500 रुपये प्रतिमाह मिलने से महिलाएं अपने घरेलू खर्च को पूरा करने के साथ-साथ अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च भी स्वंय उठाने में सक्षम होंगी।
इसके साथ-साथ कॉलेज की छात्राओं का भविष्य संवारने के लिए वरदान साबित होगी। खास तौर से समाज के गरीब वर्ग की लड़कियों के जीवन को रोशन करने में यह गारंटी सहायक होगी। सरकार के प्रमुख सलाहकार मीडिया नरेश चौहान कहते हैं कि मुख्यमंत्री सुक्खू की सोच पर आधारित महिला सम्मान निधि योजना लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की नीति और नीयत पर मुहर लगाएगी।