खेतों में गेहूं की कटाई में लगे मतदाताओं तक वोट अपील करने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रत्याशियों में मई महीने के गर्म मौसम में डोर टू डोर प्रचार करने के लिए पसीना बहाना पड़ेगा। सुबह और शाम के समय अधिकांश लोग खेतों में व्यस्त होंगे। दोपहर के समय आराम करने के लिए लोग घरों में मिलेंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों को दोपहर के समय ही प्रचार को तेज करना पड़ेगा।
आठ जिलों में होती है गेहूं की पैदावार
प्रदेश के मैदानी जिलों कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर सहित मंडी, चंबा, सोलन, सिरमौर और शिमला व कुल्लू जिले के कुछ क्षेत्रों में गेहूं की फसल की पैदावार होती है। सूबे के कई क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का काम शुरू हो गया है।