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शिमला में सात राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने की चुनावी तैयारियों की समीक्षा

Thu, 04 Apr 2019 10:17 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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डीजीपी सीताराम मरडी - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस मुख्यालय शिमला में गुरुवार को डीजीपी सीताराम मरडी की अध्यक्षता में हिमाचल समेत सात राज्यों के  पुलिस अधिकारियों की एक समन्वय बैठक हुई। इसमें पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और दिल्ली के उच्च पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने भाग लिया।

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बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई। अंतर्राज्यीय बैरियरों को मजबूत करने और बैरियरों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने, उद्घोषित अपराधियों एवं अंतर्राज्यीय अपराधियों की सूचनाओं के आदान-प्रदान पर फैसला हुआ।

निर्णय हुआ कि गैर जमानती वारंटों की तामील में भी सभी प्रदेश एक-दूसरे राज्य की पुलिस का सहयोग करेंगे। मादक पदार्थों, अवैध शराब की तस्करी, अवैध हथियारों और नकदी के परिवहन संबंधी अपराधों की सूचनाओं का आदान-प्रदान, ऐसे अपराध रोकने को सहयोग पर मुहर लगाई। लोकसभा चुनाव के दौरान सहयोग एवं समन्वय को पुलिस मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया गया।

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मादक पदार्थों की तस्करी रोकने पर खास जोर

बैठक में हरियाणा के आईजी कानून व्यवस्था हनीफ कुरैशी, उत्तराखंड के आईजी पीएसी एपी अंशुमान, आईजी एसटीएफ पंजाब परमोद बार, दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजीत सिंगला, चंडीगढ़ की एसपी कानून व्यवस्था निहारिका बट, जम्मू-कश्मीर के एसपी कानून व्यवस्था सुनील राज व आईबी के शिमला में संयुक्त उप निदेशक एस के नेगी के अलावा हिमाचल के एडीजी कानून व्यवस्था एसबी नेगी के अलावा आईजी व डीआईजी स्तर के कई अधिकारी उपस्थित थे।

मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, इसके तंत्र को पूरी तरह तोड़ने पर खास चर्चा हुई। निर्णय हुआ कि  तस्करी व संगठित नेटवर्क के बारे में राज्य जानकारी साझा करेंगे। अंतर्राज्यीय आपूर्ति रोकने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने, थाना स्तर, उपमंडल स्तर, जिला स्तर एवं खंड  स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समन्वय बैठकें की जाएंगी। अंतर्राज्यीय संचार नेटवर्क विकसित करने पर विचार किया गया। तस्करी करने वाले आरोपियों की जानकारी साझा करने, पेरोल न देने, डिजाइनर ड्रग्स के प्रवाह पर नकेल के लिए तंत्र बनाने का भी निर्णय लिया गया।
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