सौ फीसदी दिव्यांग मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने पहली बार खास व्यवस्था की है। ऐसे मतदाताओं के साथ 18 साल से ज्यादा की आयु का एक व्यक्ति कक्ष में मान्य होगा। इसके लिए उपरोक्त व्यक्ति को चुनाव अधिकारी के पास एक शपथ पत्र भरकर देना होगा ताकि दिव्यांग की ओर से प्रत्याशी को दिए वोट को उपरोक्त व्यक्ति किसी को न बता सके।
मदद के लिए गया व्यक्ति दिव्यांग की ओर से वोट डाल सकेगा। इसके बाद चुनाव अधिकारी इस व्यक्ति की अनामिका अंगुली पर स्याही का निशान लगाएगा ताकि वह किसी दूसरे दिव्यांग के साथ दोबारा वोट डालने न आ सके। इसके अलावा जब व्यक्ति अपना वोट डालने जाएगा, तब उसकी तर्जनी अंगुली पर स्याही का निशान लगाया जाएगा।
मौजूदा समय में अकेले जिला शिमला में ही करीब आठ हजार से ज्यादा दिव्यांग वोटर हैं। कानूनगो राज पिरटा ने चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को इस संबंध में जानकारी मुहैया करवाई है। शिमला संसदीय सीट के रिटर्निंग अधिकारी राजेश्वर गोयल ने बताया कि दिव्यांग व्यक्ति के साथ एक व्यक्ति कक्ष में मौजूद रह सकता है।