बदजुबानी के चलते 48 घंटे का प्रतिबंध झेल रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती को मिले दूसरे नोटिस पर रविवार को भी चुनाव आयोग फैसला नहीं ले सका है। आयोग की ओर से सत्ती को दो नोटिस जारी किए गए थे। पहला नोटिस बद्दी में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से अपशब्द कहने पर जारी हुआ था।
जबकि दूसरा नोटिस ऊना में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान बदजुबानी करने पर 17 अप्रैल को जारी किया गया था। इसी दिन सत्ती ने पहले नोटिस पर जवाब दे दिया जिस पर फैसला करते हुए आयोग ने सत्ती पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया था।
हालांकि इसी दिन सत्ती ने दूसरे नोटिस का जवाब आयोग को भेजते हुए पहले नोटिस की ही तरह सभी आरोपों से इंकार कर दिया था। लेकिन शुक्रवार को जवाब मिलने के बाद अभी तक आयोग की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि जवाब मिलते ही आयोग को उसे भेज दिया गया था। लेकिन आयोग की ओर से अभी तक इस मामले में फैसला कर कोई आदेश निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
उधर, सत्ती की जबान काटने पर बीस लाख का इनाम रखने के बाद मुश्किल में घिरे अधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सीईओ कार्यालय की ओर से कांग्रेस पार्टी को पत्र लिखकर पूछा गया था कि विनय शर्मा कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं या नहीं।
लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया जा सका है। चुनाव कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि पार्टी से जवाब आने पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।