इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा रहा है कि बिलासपुर में जिस तरह कांग्रेस पदाधिकारियों ने चंदेल का विरोध किया, पार्टी ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विधायक राजेंद्र राणा के बेटे अभिषेक राणा की पैरवी कर रहे हैं। सुखविंद्र सिंह सुक्खू और रामलाल पर भी पार्टी दांव खेल सकती है।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कोई चुनाव लड़ने को तैयार नहीं था तो उस स्थिति में सुक्खू ने आलाकमान के समक्ष चुनाव लड़ने की हामी भरी थी। रामलाल ठाकुर ने पहले भी इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा है, उनकी हार का मार्जन कम था। ऐसे में उन्हें भी मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समेत प्रदेश कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में डटे हुए हैं।