नए सियासी समीकरणों को देखें तो अब उपचुनाव में धर्मशाला से चाहे भाजपा का नया प्रत्याशी जीते या कांग्रेस का, दूसरी राजधानी के हाथ से मंत्री पद चला जाएगा। हालांकि, पांच बार विधायक और तीन बार मंत्री रहे किशन कपूर को मोदी कैबिनेट में जगह मिली तो इसकी भरपाई हो सकती है। वहीं, नए समीकरणों में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा को भी उपचुनाव के जरिए संजीवनी की आस दिख रही है।
कांगड़ा में मंत्री पद के लिए दौड़ शुरू
किशन कपूर का मंत्री पद खाली होते ही अब कांगड़ा जिला के नेताओं में मंत्री पद झटकने की लालसा बढ़ गई है। कांगड़ा से मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे राकेश पठानिया और रमेेश चंद्र धवाला हैं। मंत्री पद न मिलने से दोनों नेता नाराज चल रहे थे।