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हिमाचल में नंबर वन, मगर अपने घर में पिछड़ गए कपूर

Fri, 24 May 2019 02:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
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किशन कपूर
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14,27,338 मतदाताओं की बदौलत तीन मंत्री और एक विस उपाध्यक्ष का पद झटकने वाले कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी किशन कपूर सबसे ज्यादा लीड लेने के मामले में हिमाचल में तो नंबर वन बन गए लेकिन अपने विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला में पिछड़ गए।

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कपूर को हिमाचल में 4,66,395 वोट की सबसे ज्यादा लीड मिली जबकि कांगड़ा सीट के सभी 17 विस क्षेत्रों के मुकाबले कपूर को अपने क्षेत्र धर्मशाला से मात्र 18,655 वोट का ही मार्जिन मिला। यह लीड पूरे संसदीय क्षेत्र में सबसे कम है। उनकी पड़ोसी मंत्री सरवीण चौधरी ने पूरे संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा 36,120 की लीड ली जबकि 35,120 लीड लेकर दूसरे नंबर पर मंत्री पद के दावेदार रहे राकेश पठानिया रहे। 

कपूर ने लीड के मामले में कांगड़ा सीट के पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए। हैरत की बात यह रही कि 2014 के चुनाव में गुरु शांता कुमार को अपने शिष्य किशन कपूर की लीड से कम वोट पड़े थे। हालांकि, कपूर अपने गुरु का सियासी किला बचाने में कामयाब रहे।
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कांगड़ा संसदीय सीट पर कांग्रेस और भाजपा की ओर से चलाया गया गद्दी-ओबीसी जातीय कार्ड भी मोदी मैजिक के आगे बेअसर साबित हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल ओबीसी बहुल अपने पोलिंग बूथ सोहड़ा और विस क्षेत्र कांगड़ा में लीड हासिल नहीं कर पाए। काजल को अंत तक कांगड़ा के किसी बड़े नेता का साथ नहीं मिल पाया, न ही उनके पक्ष में कोई बड़ा स्टार प्रचारक आया।

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नए सियासी समीकरणों को देखें तो अब उपचुनाव में धर्मशाला से चाहे भाजपा का नया प्रत्याशी जीते या कांग्रेस का, दूसरी राजधानी के हाथ से मंत्री पद चला जाएगा। हालांकि, पांच बार विधायक और तीन बार मंत्री रहे किशन कपूर को मोदी कैबिनेट में जगह मिली तो इसकी भरपाई हो सकती है। वहीं, नए समीकरणों में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा को भी उपचुनाव के जरिए संजीवनी की आस दिख रही है। 

कांगड़ा में मंत्री पद के लिए दौड़ शुरू
किशन कपूर का मंत्री पद खाली होते ही अब कांगड़ा जिला के नेताओं में मंत्री पद झटकने की लालसा बढ़ गई है। कांगड़ा से मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे राकेश पठानिया और रमेेश चंद्र धवाला हैं। मंत्री पद न मिलने से दोनों नेता नाराज चल रहे थे।
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