हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय ने हार का रिकॉर्ड बना दिया है। 1996 के लोकसभा चुनावों में आश्रय के दादा पंडित सुखराम ने अदन सिंह को 153223 मतों से हराया था। सुखराम ठाकुर को 1996 में 3,28,186 मत पड़े थे वहीं अदन सिंह को 1,74,963 मत पड़े थे। इस बार अभी तक भाजपा के रामस्वरूप शर्मा 2.37 लाख मतों से आश्रय शर्मा को मात दे रहे हैं।
मंडी सदर क्षेत्र को दशकों से पंडित सुखराम का गढ़ माना जाता था, मगर इस बार इस गढ़ को भाजपा ने जीत लिया है। कांग्रेस के प्रत्याशी एवं पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा यहां पर भी अपनी लाज नहीं बचा पाए हैं और यहां उन्हें लीड नहीं मिली। भाजपा प्रत्याशी को यहां से 27491 वोटों की बढ़त मिली है, आश्रय को मात्र यहां पर 13468 वोट ही मिले हैं। रामस्वरूप शर्मा को सदर से 40959 वोट मिले हैं।
इस ऐतिहासिक जीत से जहां पं. सुखराम के परिवार का राजनीतिक दौर खत्म हो गया, वहीं कांग्रेस को बहुत बड़ा आघात पहुंचा है। कांग्रेस यहां पर पूरी तरह से फेल हुई है और भाजपा ने यहां पर नया इतिहास रचा है। मंडी सदर से भाजपा प्रत्याशी को बहुत अधिक लीड मिलने के कई कारण माने जा रहे हैं।
इसमें सुखराम परिवार का बार-बार दल बदलने का सिलसिला सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि मौकापरस्ती के चलते पूरे क्षेत्र की जनता परिवार से काफी नाराज थी। जनता ने अपने मतों से यह नाराजगी जाहिर की है।