यहां भाजपा ने 8,151 की लीड ली। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस लाज बचाने में सफल नहीं रही है। जिस क्षेत्र में वीरभद्र सिंह का पुश्तैनी घर है, वहां भी पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। रामपुर विधानसभा से भाजपा ने 11,550 वोटों की लीड लेकर इतिहास रचा। रामपुर से कांग्रेस विधायक नंदलाल हैं।
कांग्रेस अर्की विधानसभा क्षेत्र को सबसे अधिक लीड वाला हलका मानकर चली थी। लेकिन तमाम अंकगणित के विपरीत भाजपा को लोगों का भारी समर्थन मिला है। भाजपा की एकजुटता भी यहां एक कारण रही।
यहां दो बार के विधायक रहे गोविंद राम शर्मा का टिकट 2017 में काटकर रत्न सिंह पाल को मैदान में उतारा था। इसके बावजूद भाजपा में कोई ज्यादा मनमुटाव उभरकर सामने नहीं आया।
रत्न सिंह पाल और गोविंद राम शर्मा दोनों ही राजनीतिक मंच एक साथ साझा करते रहे। जयराम ठाकुर की जनसभा व रोड शो ने भी हवा को अपने पक्ष में करने का काम किया।