बताते हैं कि प्रदेश के चारों प्रत्याशियों के चुनाव खर्चे को लेकर पचास-पचास लाख की धनराशि जारी की गई थी। एआईसीसी से भेजा गया पार्टी फंड क्या प्रत्येक प्रत्याशी के पास पहुंचा है या नहीं? यह भी हाईकमान पड़ताल करेगा। गंभीर मामला यह भी सामने आया है कि प्रदेश में कांग्रेस के चार प्रत्याशियों में से एक को पार्टी फंड देने में भी भेदभाव किया गया है। यह मामला भी हाईकमान के संज्ञान में लाया जा चुका है।
हाईकमान पार्टी फंड को लेकर प्रत्याशियों के साथ प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से भी जवाबतलबी करेगा। इनसे पूछा जाना है कि किस नेता ने कितना फंड चुनाव के नाम पर जुटाया और यह क्या पार्टी के पास पहुंचा या नहीं। अगर यह राशि पार्टी फंड में दी गई है तो इसे कहां और कब खर्चा? अगर यह राशि पार्टी फंड में जमा नहीं हुई तो ऐेसे बेलगाम नेताओं पर क्या कार्रवाई की गई है?