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सीएम जयराम करें भी तो क्या, आरएसएस का दबाव जो ठहरा : राठौर

Sat, 18 May 2019 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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छात्र राजनीति से कांग्रेस में एंट्री करने के बाद दशकों से संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे कुलदीप सिंह राठौर को लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही हाईकमान ने अहम जिम्मेवारी दी है। गुटबाजी में बंटी हिमाचल कांग्रेस को एक मंच पर लाने के लिए चिंतित राहुल गांधी ने उनकी काबिलियत पर भरोसा जताया और उन्हें हिमाचल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया।
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हालांकि, पद ग्रहण करने से लेकर लोकसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में भी राठौर इस चुनौती से जूझते नजर आ रहे हैं। राठौर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जता रहे हैं। अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता धर्मेंद्र पंडित ने कुलदीप सिंह राठौर से विशेष बातचीत की। पेश हैं इसके अंश :  

कांग्रेस हिमाचल में कितनी सीटें जीत रही है? 
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मजबूती के साथ फील्ड में डटे हैं। दिन भर प्रचार के बाद शाम को हर सीट से अपडेट लिया जा रहा है। कांग्रेस चारों सीटों पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। कांग्रेस चारों सीटों पर काबिज करेगी।  
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जयराम कह रहे हैं कि वीरभद्र-सुखराम के इकट्ठा होने पर अभी भी विवाद है? 
- देखिए, भाजपा मंडी सीट पर काफी बौखलाई हुई है। उनके हाथ से यह सीट जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम सुंदरनगर रैली में एक मंच पर थे। जिस दिन सुखराम और आश्रय पार्टी में शामिल हुए। उससे पहले वह वीरभद्र सिंह से मिले। वीरभद्र सिंह कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय को जिताने में लगे हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र में वह 6 से 7 रैलियां कर चुके हैं।
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अग्निहोत्री सचमुच वीरभद्र को उकसाते हैं, जैसा सीएम ने कहा? 
- कांग्रेस के नेता घटिया राजनीति नहीं करते। वीरभद्र सिंह वरिष्ठ नेता हैं, भला उन्हें कौन उकसा सकता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हाथ से मंडी की सीट जा रही है। इसके चलते वह अनाप-शनाप बोलते हैं। 

 सीएम कहते हैं कि पार्टी नहीं, राठौर अपनी लड़ाई लड़ने में लगे हैं? 
- हंसते हुए, मैं अपनी लड़ाई नहीं, बल्कि संगठन की लड़ाई लड़ रहा हूं। मेरा एक मिशन वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को आगे ले जाना है। 

- कांग्रेस गुटों में बंटी है, आप नेताओं को एकजुट करने में असफल हैं क्या? 
- यह बिलकुल गलत है। पार्र्टी कहीं भी गुटों में नहीं बंटी है। आपने देखा होगा कि वीरभद्र सिंह, आनंद शर्मा, कौल सिंह ठाकुर, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री एक मंच पर आए हैं। मेरे तीन महीने का कार्यकाल है, आज तक किसी ने एक-दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। बुजुर्ग नेताओं से आशीर्वाद लेकर पार्टी को आगे ले जा रहा हूं। जयराम ठाकुर दूसरे के घरों में झांकने के बजाय अपने कुनबे को संभाले। 

- क्या अनिल शर्मा कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं? 
- अनिल शर्मा के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। कांग्रेस ने पंडित सुखराम और आश्रय शर्मा को कांग्रेस में शामिल किया है। अनिल शर्मा भी आएंगे। 

मुकेश अग्निहोत्री सीएम जयराम ठाकुर के निशान पर रहते हैं, ऐसा क्यों?
- मुकेश अग्निहोत्री सच्चाई बयान करते हैं। मुख्यमंत्री को यह बात नहीं पचती। बार-बार जयराम कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अनापशनाप बोलते हैं। उन्हें अपनी पार्टी का पता नहीं है। भाजपा गुटों में बंटी है। उनके दाएं और बाएं उनकी जड़ें कुरेदने वाले लगे हैं। वह करें भी क्या, आरएसएस का दबाव जो ठहरा। 

सुक्खू का नाम स्टार प्रचारकों के प्रस्तावों से हटाने पर आपको नोटिस जारी हुआ? 
- ऐसा नहीं है। यह गलतफहमी हो गई थी, उनका स्टार प्रचारक की सूची में नाम शामिल था।
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