हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रोज लग रहे यातायात जाम ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया है। सर्कुलर रोड पर सुबह-शाम चार से पांच किलोमीटर का सफर पूरा करने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है।
शहर में कई जगह हो रही अवैध पार्किंग भी जाम का बड़ा कारण बन रही है। उधर, लाखों रुपये खर्च कर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने शहर में 25 से ज्यादा पार्किंग तो तैयार कर दी, लेकिन इन पर ताले जड़े हैं। शहरवासियों को मजबूरन सड़कों पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी करनी पड़ रही हैं।
हालत यह है कि कार्टरोड पर मेट्रोपोल पार्किंग के सामने बनाई गई लोक निर्माण विभाग की पार्किंग भी बंद पड़ी है। लिफ्ट पार्किंग और मेट्रोपोल पार्किंग फुल होते ही सैलानी इस पार्किंग की ओर बढ़ते हैं लेकिन ताले देखकर दिन भर पार्किंग के लिए भटकते हैं। यही हाल शहर के ज्यादातर उपनगरों का है। नगर निगम ने इनमें पार्किंग तो बना दी, लेकिन महीनों से इन पर ताले जड़े हैं। आम जनता को इनकी सुविधा नहीं मिल रही। इनमें 600 से ज्यादा वाहनों को पार्क किया जा सकता है। नगर निगम का कहना है कि अभी इन पार्किंग को चलाने के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे। कई बार टेंडर कर चुके हैं। अब दोबारा टेंडर करने के लिए फाइल तैयार हो गई है। जब तक ठेकेदार नहीं मिलेगा, तब तक पार्किंग नहीं खुलेगी।
शहरवासियों की पार्किंग संबंधी परेशानी को देखते हुए अधिकारियों से इस पर रिपोर्ट ली जाएगी। शहर की बंद पड़ी पार्किंग जल्द जनता के लिए खोली जाएगी। इस पर सोमवार को ही अधिकारियों की बैठक ली जाएगी। जाम की समस्या कम करने के लिए नगर निगम पूरा सहयोग देगा।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला।