पिछले बीस दिन से सूबे में पूरी तरह से बंद आर्थिक गतिविधियों को हिमाचल की जयराम सरकार 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से शुरू करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसके लिए स्वास्थ्य पहलुओं को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। आर्थिक हालात से निपटने के लिए सरकार इस पर मंथन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में दोबारा पूरे लॉकडाउन का एलान नहीं किया तो जयराम सरकार चरणबद्ध तरीके से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां शुरू कर सकती है।
इसके तहत प्रदेश को छह हिस्सों में बांटा जा सकता है। रेड जोन में हॉटस्पॉट इलाका लिया जा सकता है। ऑरेंज जोन के भी चार इंटरजोन बनाए जा रहे हैं। इन्हें भी कोरोना वायरस के संक्रमण की कम या अधिक आशंका के हिसाब से बांटे जाने की तैयारी है। ये हॉटस्पॉट के आसपास के क्षेत्र होंगे। जहां संक्रमण नहीं है और एक भी केस सामने नहीं आया है, वे इलाके ग्रीन जोन में होंगे।
अलग-अलग स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी छूट दी जा सकती है। आर्थिक सुधार के लिए गठित टास्क फोर्स की सोमवार को बैठक होगी। इसमें जो योजना बनेगी, उसे लागू करने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की जाएगी। दरअसल, प्रदेश को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले आबकारी एवं कराधान विभाग ने पिछले साल की कमाई की अपेक्षा इस साल मार्च में महज 15 करोड़ रुपये ही कमाए।
शराब की दुकानें बंद रहने से राजस्व अर्जित नहीं हुआ। वाहनों की आवाजाही बंद रहने से पेट्रोल और डीजल की बिक्री से होने वाला वैट नहीं आया। उद्योगों में भी उत्पादन न होने से हालात खराब हैं। फिलहाल 14 अप्रैल को खत्म होने वाले लॉकडाउन के बाद आर्थिक सुधार को लेकर गठित टास्क फोर्स स्थिति सुधारने के लिए मंथन में जुट गई है।
पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद माना जा रहा है कि कुछ छूट के साथ लॉकडाउन जारी रह सकता है। प्रदेश की टास्क फोर्स सोमवार को बैठक कर इस पर सिफारिश कर मुख्यमंत्री को अंतिम निर्णय के लिए भेजेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मंगलवार तक इस पर एडवाइजरी जारी कर सकते हैं।
इन बिंदुओं पर हो सकता है फैसला
- सभी उद्योगों में पहले चरण में पचास प्रतिशत उत्पादन शुरू हो सकता है
- सरकारी कार्यालयों, उद्योगों में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन पर ध्यान रखा जाए
- एक दिन छोड़कर अलग-अलग सेक्टर की दुकानें खोलने की मंजूरी
- स्कूल, कॉलेज 30 अप्रैल के बाद खोलने पर विचार
- व्यावसायिक छोड़ अंतरराज्यीय आवागमन पर अभी छूट नहीं
- अंतर जिला परिवहन की छूट, लेकिन वाहनों में सवारियों की क्षमता होगी निर्धारित