हालात यह हैं कि कई जगह अब लोगों ने घरों से निकलना तक छोड़ दिया है। ऐसे मुश्किल हालात में भी हिमाचल में स्थिति सामान्य की ओर अग्रसर होने के साथ ही अब इन शहरों में रह रहे लोगों ने हिमाचल आने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है।
खास बात यह है कि इनमें कई तो ऐसे भी है जिनकी दो से तीन पीढ़ी तक हिमाचल से बाहर रह रही है लेकिन हालात खतरनाक होने की वजह से अब वह अपने दादा-परदादा की पुश्तैनी विरासतों को संवारने के लिए घर आने को बेताब हैं। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय कुंडू कहते हैं कि लोगों को हिमाचल लाना सरकार का फर्ज है। ऐसे में सरकार उन सभी को लाने के लिए प्रयास कर रही है जो आवेदन करेंगे।
केस एक
मुंबई में आईटी कंपनी में काम करने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हिमाचल आने के लिए आला अधिकारियों से संपर्क साधा। अधिकारियों ने जब उनकी बातचीत के लहजे से हिमाचल से जुड़ाव की जानकारी मांगी तो पता चला कि उनके दादा और पिता काम की वजह से मुंबई चले गए और तब से यहीं रह रहे थे। लेकिन मुंबई में हालात खराब होने की वजह से वह अब शिमला के बड़ा गांव स्थित अपने पैतृक आवास आना चाहते हैं।
केस दो
गाजियाबाद में अपनी मां के साथ करीब तीस साल से रह रहे कपड़ा व्यापारी अब हिमाचल आने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। मूल रूप से मंडी के सुंदरनगर के रहने वाले व्यापारी आखिरी बार सात साल पहले हिमाचल आए थे। लेकिन काम की वजह से तब से आना नहीं हुआ। अब गाजियाबाद में कोरोना के फैलने के बाद वह हिमाचल आना चाह रहे हैं।