उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 12 जिलों के ग्रामीण इलाकों में वर्तमान समय में करीब आठ लाख मनरेगा कामगार सेवाएं दे रहे हैं। लॉकडाउन के कारण प्रदेश सरकार ने मनरेगा के कामों पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इसके बाद से गांवों में मनरेगा के कामगारों की दिहाड़ी नहीं लग रही थी, जिससे इनके लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया था।
अभी होंगे ये काम
जल संरक्षण के तहत पानी के टैंकों का निर्माण, भूमि सुधार, पौधरोपण तथा सिंचाई से संबंधित कार्य ही किए जा सकेंगे। मनरेगा के कार्य के दौरान मास्क का प्रयोग करना जरूरी है। इसके लिए कामगार किसी भी तरह के मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपड़े के बने मास्क के साथ धाठू का भी प्रयोग किया जा सकता है। कुल्लू जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुरजीत ठाकुर ने कहा कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कर ही मनरेगा कार्य होंगे।