प्रदेश की नगर पंचायतों और नगर परिषदों के कर्मचारी । प्रारंभिक (इनिशियल) कैडर को खत्म कर लिपिक, सफाई कर्मचारी, सर्वे इंस्पेक्टर एवं अन्य कर्मचारियों को स्टेट कैडर में शामिल किया जाएगा। पिछले छह माह से शहरी विकास विभाग इस पर कार्य कर रहा है। सभी नगर निकायों से कर्मचारियों की सूची पहुंच गई है। वरिष्ठता सूची बनाकर कुछ दिन में योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा।
बिलासपुर में शहरी आजीविका मिशन में आयोजित कार्यशाला के दौरान शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएस पठानिया ने इसका खुलासा किया। कहा कि जल्द नगर परिषदों और नगर पंचायतों में स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा। विभाग इनिशियल कैडर को खत्म कर नगर परिषद के कर्मचारियों को स्टेट कैडर में ला रहा है।
15-20 दिन में वरिष्ठता सूची तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद विभाग की बैठक होगी। इसमें पदोन्नति और रिक्त पदों के मामलों का निपटारा होगा। पठानिया ने कहा कि जिन नगर परिषदों में जेई के पद रिक्त हैं, वहां कार्य चलाने को सेवानिवृत्त कर्मियों की मदद ली जाएगी। जेई को 7500, जबकि एई को 10 हजार रुपये में रखा जाएगा।
प्रमोशन लेने में अब नहीं चलेगा पैंतरा
प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन लेने में अब पैंतरा नहीं चलेगा। इसके लिए केवल एक ही विकल्प मान्य होगा। बुधवार को कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसकी सूचना प्रदेश के सभी प्रधान सचिव, डीसी, कमिश्नर और सभी विभागों के हेड को भेजी गई है। राज्य में अब तक सुविधा के अनुसार विभागों में कर्मचारी अपना प्रमोशन करा लेते थे। इसके लिए कई विकल्प भरे जाते थे। एक स्थान पर नहीं हुआ तो दूसरे स्थान पर भरकर प्रमोशन करा लेते थे, लेकिन उस रास्ते को अब सरकार ने बंद कर दिया है।
अब महज एक बार ही प्रमोशन को विकल्प देना होगा। उसी के अनुसार प्रमोशन मिलेगी। कर्मचारी जहां तैनाती के इच्छुक हैं, उसी स्थान के आधार पर प्रमोशन दी जाएगी। कोई भी कर्मचारी दो या चार विकल्प नहीं भर सकता है। पूरे कैरियर में एक ही बार विकल्प का चयन करना होगा। एक बार जो चयन किया जाएगा, उसे ही सरकार अंतिम मानेगी।
मुख्यालय सहित 6 जिलों में अधीक्षक ग्रेड-2 नहीं
प्रदेश निर्वाचन विभाग के मुख्यालय सहित 6 जिलों में अधीक्षक ग्रेड-2 नहीं है। इन पदों का सृजन करने के लिए वीरवार को प्रदेश निर्वाचन विभाग के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने अध्यक्ष विनोद शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की। विनोद ने सीएम को बताया कि निर्वाचन विभाग में अधीक्षक के 9 पद और दफ्तरी के 12 पदों के सृजन किया जाना आवश्यक है। इनके बगैर कार्यालय में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, ऊना, चंबा और कुल्लू में अधीक्षक ग्रेड -2 का एक भी पद स्वीकृत नहीं किया गया है। अधीक्षक ग्रेड -2 का पद कार्यालय की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने बताया कि महासंघ बीते 10 से 12 सालों से ये मांग उठा रहा है, लेकिन अभी तक इस पर सरकार की ओर से पहल नहीं हुई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने महासंघ की इस मांग को जायज ठहराया है और उन्होंने महासंघ को आश्वासन दिया कि उक्त मांगों को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
इन्हें दिए जाएंगे टू रूम सेट
शहरी विकास विभाग के निदेशक ने कहा कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के बाद राजीव आवास योजना शुरू होगी। इसमें बेघर लोगों को टू रूम सेट बनाकर दिए जाएंगे। इनमें दो कमरे, रसोई और बाथरूम होंगे।
यदि कहीं मां-बाप, बेटा-बहू रह रहे हैं तो बेटा-बहू को अलग से सुविधा मिलेगी। केंद्र ने 2022 तक लक्ष्य रखा है कि सभी के पास कम से कम टू रूम सेट हो। इसके लिए कोई भी आवेदन कर सकता है। अप्रवासियों को भी किराये पर मकान की सुविधा दी जाएगी।