ऊना जिले के रक्कड़ में सीबीआई ने बुधवार को एक खाद्य तेल कारोबारी के घर, दफ्तर और फैक्ट्री पर छापा मारा। करोड़ों के लोन फर्जीवाडे़ में हरोली निवासी कारोबारी समेत पांच लोगों पर सीबीआई की शिमला शाखा में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
सीबीआई ने बुधवार को एक खाद्य तेल कारोबारी के घर, दफ्तर और फैक्ट्री पर छापा मारा। करोड़ों रुपये के लोन फर्जीवाडे़ में हरोली निवासी कारोबारी समेत पांच लोगों पर सीबीआई की शिमला शाखा में एफआईआर भी दर्ज की गई है। इस मामले की जांच के दायरे में पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आरके शर्मा भी आ गए हैं। ये मुख्य आरोपी तुषार शर्मा के पिता हैं। इनको भी बतौर बैंक गारंटर एफआईआर में नामजद किया गया है।
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ऊना जिले के रक्कड़ में सीबीआई ने बुधवार को एक खाद्य तेल कारोबारी के घर, दफ्तर और फैक्ट्री पर छापा मारा। करोड़ों के लोन फर्जीवाडे़ में हरोली निवासी कारोबारी समेत पांच लोगों पर सीबीआई की शिमला शाखा में एफआईआर भी दर्ज की गई है। चंडीगढ़ और शिमला की टीमों ने 12 घंटे छानबीन की। इसमें कई दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क आदि जब्त किए गए हैं। सीबीआई ने यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर की है।
इसमें करीब 3.43 करोड़ के बैंक फर्जीवाड़े का आरोप है। मैसर्ज तनिष्क एग्रो वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं प्रमुख तुषार शर्मा, निदेशक श्वेता शर्मा, गारंटर निशा शर्मा और राकेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मिलीभगत में शामिल अज्ञात बैंक अधिकारी को भी इसमें नामजद किया गया है। आरोप है कि डेढ़ करोड़ रुपये की एक सीसी लिमिट और दो करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया गया। इन्होंने यह कर्ज लेने के बाद इसे वापस नहीं किया और जाली दस्तावेज पेश किए।