विश्व फैटी लिवर दिवस पर आईजीएमसी के विशेषज्ञों ने दिए एहतियात बरतने के निर्देश
हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीज भी हो रहे हैं शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मोटापा, डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीज फैटी लिवर रोग का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में रोजाना तीन से चार मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनके मोटापे और डायबिटीज की वजह से लिवर फैटी हो गए हैं।
विश्व फैटी लिवर दिवस पर आईजीएमसी के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. बृज शर्मा ने यह जानकारी दी। डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि मामले बढ़ने के बाद चिकित्सक अब मरीजों को एहतियात बरतने के निर्देश दे रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि बड़ाें के अलावा सभी आयु वर्ग के बच्चों में यह मामले बढ़ने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक 100 मरीजों के अगर लिवर खराब होते हैं तो उनमें से 30 फीसदी मरीज फैटी लिवर के शामिल रहते हैं। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों में मोटापा होने के कारण उनमें फैटी लिवर के केस बढ़ रहे हैं। बच्चे अक्सर कंप्यूटर पर चिपके रहते हैं और आउटडोर एक्टिविटी न होने से यह समस्या बढ़ना शुरू हो गई है। इससे उनके लिवर में फैट बढ़ना शुरू हो जाता है। फाइबर स्कैन मशीन की मदद से फैटी लिवर बीमारी का पता लगाया जा सकता है। अस्पताल में एक करोड़ 70 लाख रुपये की लगात यह मशीन स्थापित की गई है। इससे प्रदेशभर से इलाज करवाने आने वाले मरीजों को सुविधा मिल रही है।
शुरुआती दौर में पता लग जाए तो इलाज संभव
आईजीएमसी के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि शरीर में फैट स्टोरेज सेल होता है। इसमें शरीर का फैट जमा होता रहता है। सेल में जब फैट ज्यादा हो जाता है तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में जमने लगता है। इसका कुछ हिस्सा लिवर पर भी जमा हो जाता है। इससे लिवर में सूजन आने लगती है और सिकुड़ने लगता है। शुरुआती दौर में इसका पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। लिवर सिरोसिस हो जाए और उसके बाद यह बीमारी लाइलाज हो जाती है।
फैटी लिवर होने के कारण
यदि कोई व्यक्ति तैलीय युक्त खाना खाते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो लिवर फैटी होने के चांस अधिक रहते हैं। मोटापा है और डायबिटीज की वजह से हाई रिस्क पर हैं तो 90 प्रतिशत चांस हैं कि आप फैटी लिवर के करीब हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर 70 प्रतिशत मोटापे से होता है। अब इसके कुछ नए कारण भी देखने को मिले हैं।
फैटी लिवर के लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक पेट दर्द रहना, थकावट होना, कमजोरी आना भी फैटी लिवर के मुख्य लक्षण हैं। हालांकि दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी से बचाव के लिए फाइबर स्कैन मशीन की मदद से बीमारी का पता किया जाता है। अस्पताल में यह टेस्ट 370 रुपये में किया जाता है।