गेयटी में व्याख्यान सुनने उमड़ी युवाओं की भीड़
बोले, मेरे चित्रों में शामिल रहता है शिमला और हिमाचल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में वीरवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से हिमाचल प्रदेश का कला संसार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें प्रख्यात साहित्यकार एवं कला समीक्षक प्रयाग शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
शुक्ल ने युवाओं को शिमला की कला संपदा से रूबरू करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर ने की। व्याख्यान में प्रयाग शुक्ल ने अमृता शेरगिल, राम कुमार, जे. स्वामीनाथन और कृष्ण खन्ना सहित अन्य कलाकारों के चित्रों की दुनियाभर में हुई सराहना के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उनके बनाए चित्रों में शिमला और हिमाचल किसी न किसी रूप में रहते हैं। इस दौरान प्रयाग शुक्ल ने अपने यात्रा संस्मरणों के माध्यम से रौरिक आर्ट गैलरी, नग्गर, शोभा सिंह आर्ट गैलरी अंद्रेटा और राज्य संग्रहालय शिमला की कला संपदा, उसके महत्त्व तथा कला के वातावरण निर्माण में योग को लेकर भी बात की। उन्होंने रंग कर्मी अभिनेता मनोहर सिंह को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व गेयटी टेवर्न हॉल में प्रयाग शुक्ल के चित्रों की दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई। इसका उद्घाटन भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर ने किया। इस अवसर पर सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामसुभग सिंह, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ऐसे व्याख्यान उपयोगी : कंवर
भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर ने कहा कि बड़े लेखकों और कलाकारों के ऐसे व्याख्यान स्थानीय कलाकारों तथा लेखकों के लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. तुलसी रमण ने प्रयाग शुक्ल के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों, कलाकारों, युवा लेखकों और कला के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।