जिला की साक्षरता दर 89.01 फीसदी है। इसके बाद ऊना की 87.23, कांगड़ा की 86.49, बिलासपुर की 85.67, सोलन की 85.02, शिमला की 84.55, मंडी की 82.81, किन्नौर 80.77, कुल्लू की 80.44, सिरमौर 79.98, लाहौल स्पीति की 77.24 और चंबा की साक्षरता दर सबसे कम 73.19 फीसदी थी। भारत सरकार नई साक्षरता दर साल 2021 में घोषित करेगी। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के पास अभी भी अपने स्तर में सुधार लाने के लिए पर्याप्त मौका है।
प्रवासी श्रमिक अलग कर दें तो 96 फीसदी है साक्षरता दर
बीते दिनों ही शिक्षक दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने खुलासा किया था कि अगर प्रवासी श्रमिकों को अलग कर दिया जाए तो राज्य की साक्षरता दर 96 प्रतिशत से अधिक हो जाती है। उन्होंने दावा किया था कि केरल राज्य के बाद हिमाचल शिक्षा में देश भर में दूसरे स्थान पर है।