महात्मा की क्रूरता से हत्या करने के दोषी को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
जिला सत्र न्यायाधीश रतन सिंह की अदालत ने मस्त राम गांव डब्बर पट्टा, डाकघर बड़ा, तहसील नादौन जिला हमीरपुर को भादसं की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। इस मामले में 25 गवाह पेश हुए।
जिला न्यायवादी अशोक धीमान के अनुसार, 5 जून 2014 को विपिन कुमार निवासी जंगली ने पुलिस थाना नादौन में बयान दर्ज करवाया था कि उसके पड़ोसी अशोक कुमार ने फोन पर घटना की सूचना दी थी।
अशोक कुमार के भाई रंजीत ने बताया कि मस्त राम निवासी डब्बर पट्टा ने महात्मा जितेंद्रानंद को कुटिया में ही मारा डाला था। शव कुटिया के पीछे सड़क पर पड़ा था। सूचना के बाद विपिन कुमार और अशोक कुमार मौके पर पहुंचे तो मस्त राम महात्मा की लाश के पास हथौड़ा लेकर बैठा था।
आरोपी से जब हथौड़ा छिनना चाहा तो मस्तराम ने उन दोनों पर भी प्रहार कर दिया। दोनों हमले में मामूली घायल हुए। पुलिस ने भादसं की धारा 302 के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की तफ्तीश जसवीर सिंह और मुकद्दमे की पैरवी जिला न्यायवादी अशोक धीमान ने की।