अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई(सांकेतिक)
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पति को दोष सिद्ध होने पर अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश भी दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास झेलना होगा। यह सजा जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद की अदालत ने सुनाई। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता भुवनेश मिन्हास ने बताया कि पुलिस थाना बैजनाथ के तहत 2014 में मृत महिला की मां धनेश्वरी देवी ने दामाद के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी वंदना की शादी अशोक राणा से फरवरी 2009 को भट्टू, तहसील पालमपुर जिला कांगड़ा के साथ हुई थी।
इसके बाद छह-सात महीने साथ रहने के बाद घर में लड़ाई-झगड़ा होने लगा। अशोक ने तय किया कि हम दोनों बाहर जाकर नौकरी करेंगे। इस पर वंदना ने जाने से इंकार कर दिया, परंतु अशोक राणा उसे जबरदस्ती साथ ले गया। कुछ दिन बाद पता चला कि अशोक व वंदना बड़ी बेटी पूजा के घर रोपड़ में रहे, उसके बाद वह वहां से बंगलूरू चले गए। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी से बात करनी चाही तो उसका फोन बंद आने लगा। उनका दामाद अकेले ही अपने घर आता-जाता रहता था। दामाद से बेटी के बारे में पूछने पर वह यही जवाब देता था कि सब ठीक है। एक दिन जब वह अपने घर आया था तो उससे पूछा कि वंदना कहां है पर कोई जवाब न मिला।
इस पर शक हुआ और दामाद के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। वहीं पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अशोक ने बताया कि उसने उनकी बेटी को बंगलूरू में ही मार दिया था। इसके बाद हैक्सा ब्लेड से शव के दो टुकड़े कर उन्हें दो ब्रीफकेस में बंद कर ट्रेन के माध्यम से गुट्टी और मुत्काल स्टेशन के बीच रास्ते में फेंका था। अशोक के दोस्त ने भी बयान दिया था कि अशोक ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारा है। न्यायालय में सरकारी वकील की ओर से 30 गवाह पेश किए। वहीं इस मामले पर शनिवार को फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।