हिमाचल की वादियों में बनी कम बजट की फिल्म लायर्स डाइस ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित हुई है। इस फिल्म का बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज की श्रेणी में चयन हुआ है। खास बात ये है कि इस फिल्म की शूटिंग किन्नौर के छितकुल गांव में हुई है। मंडी की बहू शुभ्रा गुप्ता ड्रेस डिजाइनर के तौर पर फिल्म से जुड़ी हैं जबकि शिमला की मान्या गुप्ता ने अभिनेत्री गीतांजलि थापा की बेटी का रोल निभाया है।
फिल्म का ऑस्कर के लिए चयन 23 सितंबर को हुआ है। अमेरिका में 22 फरवरी 2015 को 87वें आस्कर अवार्ड की घोषणा होगी। मलयाली एक्ट्रेस गीतू मोहनदास की ये पहली निर्देशित फिल्म है। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी एवं गीतांजली थापा ने मुख्य भूमिका निभाई है।
यह है फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी किन्नौर के छितकुल गांव से जुड़ी है, जो महानगर के भटकाव में खत्म होती है। इस फिल्म में छितकुल की महिला कमला परदेस गए अपने पति की चिट्ठियों के सहारे दिन काटती है। एक दिन उसे पति की चिट्ठियां आनी बंद हो जाती हैं। वह बेटी को लेकर पति की तलाश में महानगर की ओर निकल पड़ती है। छितकुल से शिमला, कालका और चंडीगढ़ के सफर के दौरान उनकी मुलाकात नवाजुद्दीन सिद्दिकी से होती है जो सेना से निकाला गया जवान है। वह रास्ते में उनकी मदद करता है। मगर बाद में कमला को पता चलता है कि जिसकी तलाश में वे घर से निकली है, उसकी मौत हो चुकी है।
हिमाचली कंगना की ‘क्वीन’ भी दौड़ में
बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटागिरी में भारत से अब तक 4 फिल्में आस्कर के लिए नामित हुईं, लेकिन किसी को भी अवार्ड नहीं मिला। इससे पहले 2002 में आमिर खान की लगान, 2010 में पीपली लाइव, 1957 में महबूब खान की मदर इंडिया, 1988 में मीरा नायर की सलाम बांबे का भी ऑस्कर के लिए चयन हुआ था। इस बार हिमाचल की कंगना रणौत की फिल्म क्वीन, राजकुमार राव की शाहिद, रितेश देखमुख की येलो और प्रसूनजीत की बंगाली फिल्म जातिश्वर भी ऑस्कर की दौड़ में हैं।
उम्मीद है फिल्म देश को ऑस्कर दिलाएगी
हिमाचल में फिल्माई फिल्म ‘लायर्स डाइस’ भारत में रिलीज नहीं हुई है। विदेशों में फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित करने के बाद इसे सराहना मिली और ऑस्कर के लिए नामांकित हुई। इस फिल्म में शुभ्रा ने बतौर ड्रेस डिजाइनर ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार ने सहयोग दिया है। उम्मीद है यह फिल्म देश को ऑस्कर दिलाने में सफल होगी।
-गीतू मोहनदास, निर्देशक लायर्स डाइस
गीतू मोहनदास और उनके पति राजीव रवि से हमारे पारिवारिक रिश्ते हैं। मेरी पुत्रवधु शुभ्रा के काम को गीतू ने भी सराहा। शुभ्रा को 2010 में फिल्म गोलमाल के लिए फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामांकित किया था। सुंदरनगर के विधायक सोहन लाल ठाकुर ने शूटिंग के दौरान फिल्म यूनिट के ठहरने की व्यवस्था करने में मदद की थी।
-डा. गंगाराम शर्मा, साहित्यकार सुंदरनगर (मंडी)