हिमाचल में हर माह 6 लाख लोगों को सस्ते राशन से वंचित रहना पड़ रहा है। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) के तहत केंद्र सरकार हिमाचल को 15 हजार टन राशन दे रही है जबकि प्रति व्यक्ति के हिसाब से 20 हजार टन राशन की आवश्यकता है।
डिपुओं में कोटा कम आने से हर माह एनएफएसए में पंजीकृत 33 लाख लोगों (साढ़े 5 लाख के करीब राशनकार्ड) में से 27 लाख लोगों को ही सस्ता राशन उपलब्ध हो पा रहा है।
एनएफएसए में 27 लाख आईआरडीपी और अंत्योदय परिवारों के अलावा पंचायत स्तर पर एकल नारी, विधवा और सामाजिक पेंशन लेने वालों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनकी संख्या 33 लाख है।
जबकि केंद्र सरकार 27 लाख लोगों के हिसाब से कोटा दे रहा है। खाद्य आपूर्ति निगम के अनुसार एनएफएसए के तहत केंद्र से 9101 मीट्रिक टन गंदम जबकि 4,395 के करीब चावल दिया जा रहा है। प्रति राशनकार्ड विभाग 30 किलो राशन मुहैया कराता है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने बताया कि एनएफएसए के तहत केंद्र सरकार संख्या के हिसाब से हिमाचल को कम राशन दे रही है। हर माह छह लाख लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार से इस मामले को उठाया गया है।