तेंदुए ने अंब के सूरी गांव में बेडरूम में घुसकर खूब तबाही मचाई। कई लोगों को घायल कर बेडरूम में रखी एलईडी को तेंदुए ने नुकीले दांतों से चबाकर चूर- चूर कर दिया। गद्दे फाड़ डाले। फर्नीचर भी तोड़ दिया। मामला हिमाचल के ऊना जिले का है। लोगों ने जान पर खेलकर मुश्किल से दरवाजे की कुंडी लगा वन विभाग को सूचना दी।
आधी रात के बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को काबू करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। रात ढाई बजे ट्रेंकुलाइजर गन से डार्ट इंजेक्शन दिया गया। करीब तीन बजे तेंदुआ बेहोश हुआ, जिसके बाद उसे पिंजरे में बंद किया गया। तेंदुआ फिलहाल बौल स्थित वानर नसबंदी केंद्र में लाया गया है।
कार से पानी की बोतल फेंकने पर भड़का तेंदुआ
तेंदुए के हमले से घायल हुआ यवुक।
- फोटो : अमर उजाला
प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि सड़क पर तेंदुआ दिखने के बाद कार में बैठे कुछ लोगों ने उस पर पानी की बोतल फेंकी थी। इससे बौखलाए तेंदुए ने कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे बैठे शम्मी ठाकुर और अजय पर हमला बोल दिया। हमले में शम्मी बुरी तरह घायल हो गया। अजय को भी चोटें आई हैं।
जान पर खेलकर बंद किया बेडरूम का दरवाजा- शम्मी को घायल कर तेंदुआ सीधा सूरी गांव में घुस आया। घर में विद्या देवी और लज्या देवी दो बच्चों के साथ घर के आंगन में खड़ी थीं। तेंदुए ने इन पर हमला बोला लेकिन घर में मौजूद विक्की ने महिला और बच्चों को बचा लिया।
इसी दौरान तेंदुआ घर का दरवाजा खुला देखकर बेडरूम में घुस गया। चीख पुकार सुनकर लोग भी यहां जुट गए। लोगों के मुताबिक विक्की ने जान पर खेलकर बाहर से बेडरूम का दरवाजा बंद कर तेंदुए को कैद कर लिया।
तेंदुआ स्वस्थ, जंगल में छोड़ा जाएगा
तेंदुए ने बेडरूम में रखे सामान को चबा-चबाकर तहस नहस कर दिया।
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तेंदुए के हमले में शम्मी ठाकुर, अजय कुमार और विद्या देवी गंभीर घायल हैं। ये थे टीम में शामिल- डीएफओ आरके डोगरा के मुताबिक रात ग्यारह बजे सूचना मिलने पर वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम घटना स्थल पर रवाना हुई।
टीम में डॉ अमित शर्मा, बीओ सुरेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार और ओम प्रकाश सहित अन्य वन गार्ड शामिल रहे। डीएफओ आरके डोगरा ने बताया कि फिलहाल तेंदुए को विभाग ने अपनी निगरानी में रखा है। लगभग 75 किलो वजनी और करीब ढाई से तीन साल का यह तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है।
विक्की की हिम्मत को सलाम
पिंजरे में बंद तेंदुआ।
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इसे कुछ समय बाद जंगल में दूरस्थ क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि तेंदुए की चिकित्सकीय जांच की गई है। यह आदमखोर नहीं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसे दूर नॉन हैबिटेटिड एरिया में छोड़ा जाएगा।
महिला और बच्चों को बचाकर तेंदुए को कमरे में बंद करने का साहस दिखाने वाले विक्की की हिम्मत को हर कोई सलाम कर रहा है। उधर, घायल शम्मी ठाकुर को इलाज के लिए चिंतपूर्णी के विधायक कुलदीप कुमार ने सात हजार रुपये जबकि डीएफओ ने दो हजार रुपये फौरी राहत दी है।