हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा की ग्राम पंचायत झिकनीपुल के शानग गांव में गुरुवार रात आठ बजे मां और अन्य लोगों के साथ घर लौट रहे आठ साल के बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ बच्चे को घायल अवस्था में साथ लगती झाड़ियों में छोड़कर भाग गया। तेंदुए के हमले से बच्चे के सिर और गले में गहरे घाव आए हैं। गांववासी उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल नेरवा ले गए। यहां से उसे आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया है। गांववासी वीरेंद्र मोख्टा ने बताया कि बच्चा बीती रात रोज की तरह मां के साथ गोशाला से अपने घर लौट रहा था। आठ वर्षीय प्रेम बहादुर पुत्र राजेश बहादुर और पांच अन्य लोग भी उस समय उसके साथ थे। आधे रास्ते में अचानक सड़क किनारे घात लगाकर बैठे तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया और सड़क से घसीटते हुए झाड़ियों में ले गया।
शोर मचाने पर तेंदुआ बच्चे को छोड़ भाग गया। बीते साल भी यहीं पर तेंदुए ने एक बच्चे पर हमला कर दिया था। उच्च विद्यालय शाइला यहां से मात्र आधा किलोमीटर दूर है। शानग, शईला, डकोली और रावतन आदि गांरों के बच्चे इसी मार्ग से स्कूल जाते हैं। पहले वन विभाग ने इस स्थान पर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लोगों ने मांग की है कि इस स्थान पर पुन: पिंजरा लगाया जाए। उधर, वन विभाग के डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने कहा कि बच्चे को आए घाव तेंदुए के हमले के हैं, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। विभाग की टीम मौके पर भेजी है। टीम की रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।