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शिमला: लापता बच्चे के मिले अवशेष, तेंदुए का माना जा रहा हमला

Sat, 06 Nov 2021 09:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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जंगल में मिले बच्चे के अवशेष। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के डाउनडेल इलाके से दिवाली की रात अचानक गायब हुए पांच साल के मासूम योगराज पुत्र केदारनाथ के तीसरे दिन घर से 600 मीटर दूर अवशेष मिले हैं। नाभा कॉलोनी से सटे जंगल में झाड़ियों, एनएच के नीचे और ऊपर के 200 मीटर के दायरे में क्षत-विक्षत हालत में बच्चे की खोपड़ी, मांस के टुकड़े और बच्चे के कपड़े के टुकड़े मिले हैं। कपड़े के टुकड़ों से परिजनों ने बच्चे की शिनाख्त की है। पुलिस को प्रथम दृष्टया मौके के हालात को देखते हुए लग रहा है कि तेंदुए ने ही बच्चे पर हमला किया होगा।

उधर, मौके पर मिले अवशेष को फोरेंसिक जांच के लिए शिमला की जुन्गा लैब भेजा गया है। पुलिस के अनुसार माता-पिता से बच्चे के अवशेष से डीएनए का मिलान भी किया जाएगा। पुलिस के अनुसार घटना के तीसरे दिन शनिवार को डॉग स्क्वायड, पुलिस और वन विभाग की टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। दोपहर 2:30 बजे घर से करीब 600 मीटर दूर नाभा कॉलोनी के साथ लगते जंगल की झाड़ियों, एनएच के ऊपर और नीचे बच्चे के अवशेष मिले।
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जंगल में मिला बच्चे का शव। - फोटो : अमर उजाला
बच्चे का सिर भी क्षत-विक्षत हालत में मिला। इससे पहचान नहीं हो पा रही थी, लेकिन बच्चे के कपड़े के टुकड़ों से परिजनों ने इसकी पहचान की। मौके पर मौजूद सदर थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि जंगल से एक खोपड़ी, बच्चे के अवशेष बरामद हुए हैं। बता दें कि बीते दिन बच्चे की पैंट मिली थी।
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परिजनों से बात करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
फोरेंसिक जांच के लिए अवशेष भेज दिए हैं। रविवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। अवशेष शव गृह में रखे गए हैं। वन्यजीव विभाग के डीएफओ रविशंकर ने बताया कि पुलिस ने जंगल से अवशेष बरामद किए हैं। पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी। 
 


 

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पुलिस टीम - फोटो : अमर उजाला
दिन भर जंगल छानते रहे पुलिस और वन विभाग के कर्मी
डाउनडेल इलाके से मासूम बच्चे के गायब होने की घटना के तीसरे दिन शनिवार सुबह 7 बजे से ही साथ लगते जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया। सुबह करीब 11 बजे डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम इसके साथ-साथ जंगल में घूमने लगी। पुलिस का कहना है कि दोपहर करीब ढाई बजे झाड़ियों के बीच अवशेष मिल पाए। जंगल में कुछेक जगह खून के निशान भी मिले हैं।

 
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पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला
वन विभाग सिर्फ लोगों को रात के समय अलर्ट रहने को कह रहा है। कसुम्पटी पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि राजधानी में ही तेंदुआ दहशत मचा रहा है। विभाग के लिए लोगों की जान से ज्यादा जानवर प्यारे हैं। दिन में बंदर परेशान कर रहे हैं तो रात को तेंदुआ जान ले रहा है। राजधानी के रिहायशी इलाकों में तेंदुए की दस्तक से शहरवासी दहशत में हैं। खाली पिंजरे लगाकर तेंदुए पकड़ने की वन विभाग की मुहिम देखकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। 

 
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डॉग स्क्वायड - फोटो : अमर उजाला
कनलोग में बच्चे को उठा ले गया था तेंदुआ 
इससे पहले इसी साल चार अगस्त को तेंदुआ शहर के कनलोग एक बच्ची को उठा ले गया था। इसके बाद छह अगस्त को बच्ची का क्षतविक्षत सिर साथ लगते जंगल से बरामद किया गया था। शहर में इसी साल तेंदुए के दिखने और हमला करने की दो दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।  इसके बावजूद वन विभाग एक भी तेंदुए को पकड़ नहीं पाया है। आज तक इस आदमखोर तेंदुए का भी कोई पता नहीं चला। वन विभाग ने कुछ दिन तो पिंजरा लगाया, फिर बाद में खाली रखकर छोड़ दिया। कुछ महीने पहले कृष्णानगर में पालतू कुत्ते का शिकार करने आए तेंदुए ने घर में घुसकर तेंदुए ने एक युवक को लहूलुहान कर दिया था।  तेंदुए को युवक ने कमरे में बंद किया तब जाकर वन विभाग इसे पकड़ा। विकासनगर, समिट्री, कनलोग, खलीनी और फागली आदि इलाकों में भी आए दिन तेंदुए के रिहायशी इलाकों में घूमने तथा कुत्तों का शिकार करने की शिकायतें आ चुकी हैं। लेकिन आज तक कोई तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा।
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