हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के डाउनडेल इलाके से दिवाली की रात अचानक गायब हुए पांच साल के मासूम योगराज पुत्र केदारनाथ के तीसरे दिन घर से 600 मीटर दूर अवशेष मिले हैं। नाभा कॉलोनी से सटे जंगल में झाड़ियों, एनएच के नीचे और ऊपर के 200 मीटर के दायरे में क्षत-विक्षत हालत में बच्चे की खोपड़ी, मांस के टुकड़े और बच्चे के कपड़े के टुकड़े मिले हैं। कपड़े के टुकड़ों से परिजनों ने बच्चे की शिनाख्त की है। पुलिस को प्रथम दृष्टया मौके के हालात को देखते हुए लग रहा है कि तेंदुए ने ही बच्चे पर हमला किया होगा।
उधर, मौके पर मिले अवशेष को फोरेंसिक जांच के लिए शिमला की जुन्गा लैब भेजा गया है। पुलिस के अनुसार माता-पिता से बच्चे के अवशेष से डीएनए का मिलान भी किया जाएगा। पुलिस के अनुसार घटना के तीसरे दिन शनिवार को डॉग स्क्वायड, पुलिस और वन विभाग की टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। दोपहर 2:30 बजे घर से करीब 600 मीटर दूर नाभा कॉलोनी के साथ लगते जंगल की झाड़ियों, एनएच के ऊपर और नीचे बच्चे के अवशेष मिले।