मानकों को नजरअंदाज कर गाड़ियों में लगाई जा रही अतिरिक्त एलईडी लाइटें चालकों की आंखों पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं। इनसे निकलने वाली तीखी रोशनी सीधे आंखों में पड़ती है जिससे कुछ देर के लिए आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है।
आंखें चुंधिया जाने से एक तरफ जहां हादसे की आशंका बढ़ जाती है तो दूसरी तरफ कोमल आंखों में खारिश, जलन समेत एलर्जी के अन्य लक्षण पनप रहे हैं। कुल्लू में मोटर व्हीकल एक्ट को ताक पर रखकर ऑटो, बाइक, वैन, कार, बस, ट्रक समेत अन्य वाहनों की लाइटें अपने स्तर पर बदली जा रही हैं।
मन मुताबिक लगाई जा रही लाइटों की रोशनी बेहद तेज होती है। क्षेत्रीय अस्पताल के नेत्र विभाग में तैनात वरिष्ठ नेत्र विज्ञान अधिकारी कर्ण सिंह गुलेरिया कहते हैं कि ऐसी लाइट्स कोमल आंखों पर विपरीत प्रभाव डालती हैं।
संवेदनशील आंखें तीखी लाइट पड़ने से 30 सेकेंड के लिए ब्लैकआउट हो जाती हैं। पिछले कुछ समय से निजी व व्यावसायिक वाहन चालक आंखों में तकलीफ होने की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।