बिजली उपभोक्ता किस्त न देकर नकद भी एलईडी बल्ब ले सकते हैं। किस्त पर बल्ब लेने की अनिवार्यता नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं को एक साथ पांच एलईडी बल्ब लेने के लिए 500 रुपये चुकाने होंगे। व्यावसायिक उपभोक्ता नकद दस एलईडी बल्ब ले सकते हैं।
इन्हें एक हजार रुपये चुकाने होंगे। राज्य सरकार ने ऊर्जा संरक्षण के लिए एलईडी बल्ब देने की योजना शुरू की है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए किस्तों पर बल्ब दिए जा रहे हैं। नकद देने पर एक बल्ब 100 रुपये जबकि किस्त पर 105 रुपये देने होंगे।
दस महीने की किस्तें बनाई गई हैं। हर महीने आने वाले बिजली बिल में किस्त के अतिरिक्त साढ़े दस रुपये चुकाने होंगे। किस्त पर एलईडी बल्ब लेने वाले किराएदार को अपने साथ मकान मालिक के पहचान पत्र की फोटो कॉपी भी लानी होगी।
इसके अलावा जमा करवाया गया नवीनतम बिजली बिल और अपने पहचान पत्र की फोटो कॉपी लानी होगी। नकदी देकर एलईडी बल्ब लेने के लिए सिर्फ अपना पहचान पत्र और बिजली बिल ले जाना होगा। अगर बिजली बिल उपभोक्ता की जगह कोई अन्य बल्ब लेने आता है उसे उपभोक्ता का पहचान पत्र, बिजली बिल और अपना पहचान पत्र भी साथ लाना होगा।
इन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही बल्ब मिलेंगे। शिमला स्थित बिजली बोर्ड के सभी दफ्तरों में बल्बों का आवंटन शुरू हो गया है। एक निजी कंपनी को यह काम सौंपा गया है। शिमला में निजी कंपनी ने 19 काउंटर लगाए हैं। जल्द ही प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी आवंटन शुरू होगा।
अनिवार्य नहीं है बल्ब खरीदना
उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब खरीदना अनिवार्य भी नहीं है। यह एक स्वैच्छिक योजना है। पहचान पत्र के तौर पर उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य वैध पहचान पत्र की फोटो कॉपी देनी होगी। उपभोक्ता अगर ताजे बिजली बिल की पेमेंट रसीद नहीं दिखा सके तो उन्हें किस्तों पर बल्ब नहीं मिलेगा। उन्हें बल्ब लेने को नकद भुगतान करना होगा।