कर्मचारी की समस्या जायज होगी, तभी मिलेगी छूट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी प्रबंधन ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है बिना वजह कोई भी कर्मी छुट्टी पर नहीं जाएगा। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी होने पर कर्मचारियों को छूट दी जाएगी। हालांकि यह नियम तब लागू होगा, जब कर्मचारी की समस्या जायज होगी।
दरअसल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) प्रबंधन छह मार्च को हर हाल में नए भवन में ओपीडी शुरू करवाना चाहता है। ऐसे में अब प्रबंधन बुधवार को अस्पताल का दौरा भी करेगा। कॉलेज प्राचार्य समेत तमाम अधिकारी भवन का निरीक्षण करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि नए ओपीडी भवन की छठी मंजिल पर सर्जिकल ओपीडी, सातवीं पर मेडिसिन और आठवीं पर स्किन और बाल रोग ओपीडी चलेगी। जबकि नौवीं मंजिल पर आर्थो व फिजियोथैरेपी, दसवीं मंजिल में ईएनटी, साइकेट्री और ग्यारहवीं मंजिल में नेत्ररोग ओपीडी चलेगी। इसके अलावा बारहवीं मंजिल में रेडियोलॉजी विभाग चलेगा।
वीरभद्र सिंह ने 2013 में किया था ब्लॉक का शिलान्यास
आईजीएमसी के न्यू ओपीडी ब्लॉक (बाह्य रोगी विभाग भवन) का शिलान्यास पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने आठ अगस्त 2013 को किया था। उस समय इस भवन की लागत करीब 46 करोड़ रुपये थी। लेकिन मरीजों की सुविधा को देखते हुए बड़े भवन के निर्माण के लिए पिछली सरकार ने वर्ष 2019 में इसकी लागत को संशोधित कर 103.18 करोड़ रुपये किया। वर्ष 2022 में इसका उद्घघाटन किया। लेकिन तब कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना मरीजों को यहां पर उपचार देने की बात कही गई। अब जबकि मामले नहीं हैं तो अब अस्पताल प्रबंधन ने पहल करते हुए सरकार को वस्तुस्थिति के बारे में अवगत करवाया और हर हाल में मरीजों को इस सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया।