सनोर घाटी के जलौणी में गणपति होम 29 अगस्त को होगा। जलौणी गणपति के पुजारी शांति प्रसाद ने बताया कि भगवान गणपति का जन्म दिन हर वर्ष भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है।
इस मौके पर घाटी के जला गांव में गणेश देवता की जाग निकाली जाती है। इसी दिन पत्थर चौथ भी मनाई जाती है। पत्थर चौथ भगवान गणेश के चंद्रमा को शाप देने से शुरू हुई है। चंद्रमा ने भगवान गणेश का उपहास उड़ाया था।
इस पर गणेश ने चंद्रमा को शाप देकर भूमंडल से हमेशा के लिए अदृश्य कर दिया था। चंद्रमा के क्षमा मांगने पर गणेश ने उन्हें माफ कर कहा था कि जिस दिन उनका जन्मदिवस होगा उस दिन चंद्रमा को ग्रहण लगेगा।
मान्यता है कि अगर इस दिन कोई भी व्यक्ति चंद्रमा को देखता है तो उसके ऊपर चोरी का झूठा आरोप लगता है। इसी वजह से इस दिन चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है।
चंद्रमा को भूलवश देखने पर प्रदेश में कई स्थानों पर लोगों की छतों पर पत्थर मारने की भी परंपरा है। ऐसा करने पर चंद्रमा देखने के अशुभ फल से मुक्ति मिलती है।
होम के अवसर पर भजन कीर्तन और देवता की जलेब निकलती है। इस बार हिमाचली गायक सूरज मेहता अपने दल के साथ भगवान गणेश की स्तुति करेंगे।